फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोर्टमोर स् कूल की छात्राओं ने मचाया धमाल

विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी छात्राएं और एक से बढ़कर एक प्रस्तुति पर तालियां बजाते दर्शक। मौका था राजधानी के कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर में शनिवार को आयोजित वार्षिक समारोह का। समारोह में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल मुख्य अतिथि के रूप में शरीक हुए। उन्होंने पढ़ाई, खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में अव्वल रहने वाली करीब 300 छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन

प्रिंसिपल निशा भलूनी ने स्कूल की वर्ष भर की गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की। समारोह में निदेशक उच्चतर शिक्षा डा. बीएल विंटा, सर्व शिक्षा अभियान के राज्य प्रोजेक्ट डायरेक्टर घनश्याम चंद विशेष अतिथि के रूप में शरीक हुए। एनसीसी कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को सलामी दी। छात्राओं ने भारत दर्शन की प्रस्तुति में अलग-अलग राज्यों की प्रस्तुतियां देकर खूब रंग जमाया। इसमें राजस्थानी गीत रंगीलो म्हारो...,पंजाबी ढोल पर नृत्य की प्रस्तुति के साथ ही अरुणाचल, मेघालय, केरल राज्य का लोक नृत्य भी पेश किया। वहीं हिमाचली नृत्य में छात्राओं ने धूड़ू नचया जटा ओ खलारी हो..., चंबा आर की नदिया पार जैसे लोक गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं स्कूल के जूनियर सेक्शन की छात्राओं ने शिक्षिका अल्का शर्मा और सरिता बुशहरी की देखरेख में तैयार की पहाड़ी नाटी की प्रस्तुति देकर रंग जमाया। इसमें चल रामपुर चल मेरी सजनी.... और ढालपुर मैदाने लागा मेला... जैसे गीत गूंजे।

छात्राओं ने किया ताइक्वांडो का प्रदर्शन
समारोह में छात्रा संजना, अमृता, प्रशंसा और साथियों ने आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए ताइक्वांडो के हैरतअंगेज कारनामे दिखाकर सबको दंग कर दिया। वहीं गाइड छात्राओं ने जिमनास्टिक, और ह्यूमन पिरामिड डिस्पले किया।
विज्ञापन


इंडिया गेट की याद आ गई
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश छात्राओं की प्रस्तुतियां देखकर गदगद हुए। उन्होंने कहा कि यहां अलग अलग राज्यों की लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां देखकर मुझे इंडिया गेट की याद आ गई, जहां गणतंत्र दिवस पर इसी तरह के सांस्कृतिक रंग नजर आते है। उन्होंने कहा कि दिल से चाहता हूं कि स्कूल की ये छात्राएं रिज मैदान पर 26 जनवरी को ऐसी ही प्रस्तुति दें। हाईकोर्ट में संविधान पर होनेे वाले लेक्चर सीरीज में भी इन छात्राओं को प्रस्तुति देने के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेेकर छात्राओं का आत्म विश्वास जागृत होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें