शिमला। शहर में पानी के लिए मचे हाहाकार के बीच महापौर कुसुम सदरेट चीन जा रही हैं। नगर निगम की ओर से एडवायजरी जारी की गई है कि लोग घरों में पानी की बचत करें। पार्षदों के विरोध और नगर निगम की मासिक बैठक करवाए बिना महापौर चीन जाने की तैयारियां कर रही हैं। एक तरफ नगर निगम आयुक्त जनता को एडवायजरी जारी कर रहे हैं। दूसरी ओर चीन दौरे के लिए पैकिंग चल रही हैं। शहर में कहीं पांचवें तो कहीं आठवें दिन पानी दिया जा रहा है। फील्ड में कर्मचारियों का घेराव हो रहा है।
जनता बूंद बूंद को तरसने लगी है। लेकिन संकट की इस घड़ी में जनता को राहत देने के लिए कदम उठाने की बजाय विदेशी दौरों को अहमियत दी जा रही है। कांग्रेस के बाद अब भाजपा के अपने पार्षद भी दौरे पर सवाल उठाने लगे हैं। पार्षद अर्चना धवन, दिवाकर देव शर्मा, राकेश चौहान, आरती चौहान, शैली शर्मा का कहना है कि महापौर को सैर सपाटा छोड़ पेयजल संकट से राहत दिलानी चाहिए। दौरे आगे भी किए जा सकते हैं।
आयुक्त ने बुलाई आपात बैठक, अफसर बोले-कहां से दें पानी
पेयजल संकट पर नगर निगम आयुक्त रोहित जमवाल ने बुधवार सुबह ही जल शाखा के अधिकारियों की आपात बैठक ली। पूछा कि आखिर लोगों को तीसरे और चौथे दिन पानी क्यों नहीं जा रहा। इस पर पंपिंग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पानी की सप्लाई 22 एमएलडी तक घट गई है। गुम्मा में दस तो गिरि से 15 एमएलडी से भी कम पानी आ रहा है। आने वाले दिनों में यह और घटेगा। कहा कि ऐसे में हम कहां से पानी दें। आयुक्त ने निगम अभियंता विजय गुप्ता से वितरण की स्थिति पूछी। निगम अभियंता ने बताया कि चौथे दिन हर घर को पानी दिया जा रहा है। पानी की उपलब्धता बढ़ती न देख आयुक्त को एडवायजरी जारी करनी पड़ी है। लोगों को पानी व्यर्थ न बहाने, सदुपयोग करने और ओवरफ्लो रोकने की अपील की गई है।
गंदे पानी की सप्लाई बंद
अश्वनी के ट्यूबवेल से गंदे पानी की सप्लाई होने के बाद इसके पानी की लिफ्टिंग बंद कर दी गई है। दोबारा लिए गए सैंपल पास होने के बाद ही सप्लाई शुरू होगी। ऐसे में इनसे मिलने वाला दस लाख लीटर पानी भी शहर के लिए बंद हो गया है। इससे पंथाघाटी, कसुम्पटी, विकासनगर इलाकों में संकट और बढ़ेगा।
महापौर बोलीं, चौथे दिन पानी देने की कर रहे कोशिश
परियोजनाओं में जलस्तर काफी घट गया है। इसके बावजूद लोगों को तीसरे और चौथे दिन पानी देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। आईपीएच से भी पानी ले रहे हैं। जहां तक चीन दौरे की बात है तो अभी फाइल मेरे पास नहीं आई। मासिक बैठक जल्द होगी। -कुसुम सदरेट, नगर निगम महापौर