हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के दो अलग-अलग स्थान मणिर्कण व कुल्लू में मंगलवार रात को अग्निकांड की दो घटनाओं में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई है। इनमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। पहली घटना मणिर्कण घाटी के चौहकी गांव में हुई। यहां पर चार भाई ओमनाथ, पूर्ण चंद, गुलाब चंद व मुरारी लाल का 12 कमरों का संयुक्त मकान जलकर राख हो गया है। तीन मंजिला भवन में मंगलवार रात करीब नौ बजे आग लगी है। इसमें लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान आका गया है। चौहकी गांव में अंधेरा होने के कारण अफरातफरी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने मकान से धुआं निकलते देखा और घटना स्थल की ओर दौड़े।
अग्निकांड की सूचना अग्निशमन व पुलिस विभाग को दी। इसके बाद मकान में लगी आग को बुझाने को प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में आग की लपटों ने घर को राख के ढेर में बदल दिया। यह मकान बगीचे में बनाया गया है, जहां पर पानी की समस्या है। इस घटनास्थल पर सड़क सुविधा न होने के कारण अग्निशमन का वाहन नहीं पहुंच पाया। इससे लाखों का नुकसान हुआ। हालांकि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। बुधवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। प्रभावितों को प्रशासन की ओर से फौरी राहत राशि दी गई है।
हनोगी कैंटीन में फर्नीचर जला, 52 लाख नुकसान
जिला मुख्यालय ढालपुर में हनोगी कैंटीन में आग लगने से फर्नीचर समेत अन्य सामान जल गया है। इसमें करीब डेढ़ लाख का नुकसान हुआ। यह आग मंगलवार देर रात लगी। आग की सूचना अग्निशमन विभाग को दी। इसके बाद जवानों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। अग्निशमन अधिकारी दुर्गा सिंह ने कहा कि दोनों घटनाओं में लगभग 52 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मणिर्कण घाटी में हुए अग्निकांड में गांव के लिए सड़क सुविधा न होने के चलते वाहन नहीं पहुंचा, जिससे अधिक नुकसान हुआ है।