हिमाचल में कोरोना महामारी ने 11वीं जान ले ली। शुक्रवार को ज्वालामुखी के अंब गांव के 52 वर्षीय मरीज ने टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से धर्मशाला कोविड केयर सेंटर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की किडनियां और लिवर फेल हो चुके थे। इसके अलावा मरीज कई अन्य बीमारियों से भी ग्रस्त था। कांगड़ा जिले में कोरोना से यह तीसरी मौत है। मरीज को 23 जुलाई को टांडा अस्पताल में गंभीर हालत में दाखिल किया था।
इससे पहले 22 जुलाई को पीजीआई की ओपीडी में भी डाक्टरों ने चेकअप किया था। टांडा के सारी वार्ड में दाखिल मरीज का कोरोना टेस्ट किया गया, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। मरीज की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे शुक्रवार सुबह कोविड अस्पताल धर्मशाला शिफ्ट करने को कहा। जब मरीज को एंबुलेंस से धर्मशाला ले जाया जा रहा था तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीज टांडा अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और परिजनों के संपर्क में आया है।
इसलिए एहतियातन तौर पर अब सभी के सैंपल लिए जा रहे हैं। सीएमओ कांगड़ा ने बताया कि पीजीआई प्रशासन को भी कांगड़ा जिला प्रशासन ने सूचित कर दिया है कि उनके यहां पर इलाज करवाने वाला मरीज पॉजिटिव आया है। कांगड़ा में इससे पहले 23 मार्च को तिब्बती बुजुर्ग (72) ने टांडा अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया था। इसके अलावा पालमपुर के भवारना निवासी 57 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति ने 25 जून को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया था।