108 और 102 एंबुलेंस सुविधाएं देने वाली जीवीके कंपनी का टेंडर सरकार ने रद्द कर दिया है। जबकि अन्य 11 कंपनियों ने स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए सरकार के समक्ष आवेदन पत्र दाखिल करवाए हैं। कंपनी व कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन ने 15 जनवरी तक नए टेंडर करने का एलान किया था।
इसके बाद जीवीके कंपनी के आवेदन को सरकार ने ठुकरा दिया है। प्रदेश भर में स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए नए टेंडर खुलते ही अब तक ग्यारह कंपनियों के आवेदन सरकार के पास पहुंचे हैं। गौर हो कि कई वर्षों से वेतन बढ़ोतरी पर चल रही एंबुलेंस कर्मियों की मांगों को लेकर लेबर कोर्ट ने कंपनी को जल्द बैठक करने के निर्देश दिए थे।
इस पर कंपनी ने मंगलवार को सोलन के निजी होटल में बैठक करने की सूचना कर्मचारियों को दी थी। लेकिन इस बैठक को स्थगित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शिमला स्थित सीजेएम कोर्ट के समक्ष कंपनी कर्मचारियों को दी गई वेतन स्लिप दिखाने में असफल रही।
एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रधान पूर्ण चंद ने बताया कि सरकार ने जीवीके कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया है। जबकि अन्य 11 कंपनियों ने स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए अपने आवेदन सरकार को दिए हैं। उन्होंने कहा कि महामारी की वजह से आज सभी कर्मियों के परिवार पर आर्थिक संकट का खतरा मंडरा रहा है। नई कंपनी के आने से एंबुलेंस कर्मियों में अपनी मांगों को लेकर न्याय की उम्मीद जगी है।