1,120 शिक्षक सरप्लस होंगे
618 स्कूल मर्ज, डाउन ग्रेड और बंद करने से 1,120 शिक्षक सरप्लस होंगे। इन शिक्षकों को अन्य आवश्यकता वाले स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 72 प्राइमरी, 28 मिडल और 3 उच्च स्कूल डिनोटिफाई (बंद) करने का फैसला लिया गया। 203 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से उससे कम है। इन स्कूलों को दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले अन्य स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 142 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जिनके दाे किलोमीटर के दायरे में अन्य स्कूल नहीं हैं। इन्हें तीन किलाेमीटर की दूरी पर मर्ज किया जाएगा। 92 मिडल स्कूलों में दस या उससे कम विद्यार्थी हैं, इन्हें तीन किमी, बीस विद्यार्थियों की संख्या वाले सात हाई स्कूलों को चार किलोमीटर के दायरे में मर्ज किया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले 75 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा कम किया जाएगा।
राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए विभाग खुद भी करेगा चयन
राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार देने के लिए इस वर्ष से विभाग खुद भी शिक्षकों का चयन करेगा। पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। कुल पुरस्कृत किए जाने वाले शिक्षकों में से पचास फीसदी का चयन आवेदन आधार पर होगा। शेष पचास फीसदी के नाम विभाग स्वयं तय करेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई शिक्षक हैं, जाे बेहतर परिणाम दे रहे हैं, वह किन्हीं कारणों से पुरस्कार प्राप्त करने तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में फैसला लिया है कि स्थानीय पंचायतें और एसएमसी भी शिक्षकों को पुरस्कार के लिए नामांकित कर सकेंगे। जिला उपनिदेशक भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का चयन करेंगे।
100 विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों को किया जाएगा मर्ज
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 100 विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों को भी मर्ज किया जाएगा। जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों के लिए विद्यार्थियों की संख्या 75 रखी गई है। कई कॉलेजों में बीते कुछ वर्षों से नामांकन बहुत कम हो रहे हैं। ऐसे कॉलेजों को आगे चलाना अब आसान नहीं है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय से कॉलेज मर्ज करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
स्कूलों में लौटेंगे बाहरी राज्यों और अन्य विभागों में सेवाएं दे रहे शिक्षक
शिक्षा विभाग ने सभी प्रतिनियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लेते हुए बाहरी राज्यों और अन्य विभागों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को वापस स्कूलों में बुलाने का फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त शिक्षकों को नाेटिस जारी किए जाएंगे। जिन संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं, वहां के प्रमुखों को पत्र लिख शिक्षकों को पदभार मुक्त करने को कहा जाएगा।