हिमाचल प्रदेश की शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सोमवार को शीश नवाकर नए साल का आगाज किया। इसमें श्रीनयनादेवी जी में 70 हजार, ज्वालामुखी में 25,000, बज्रेश्वरी मंदिर में 12,000 और चामुंडा में 10,000, चिंतपूर्णी में 25,000 श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। श्रीनयनादेवी जी मंदिर के कपाट 22 घंटे और चिंतपूर्णी के कपाट 24 घंटे खुले रहे। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में नववर्ष मेला धूमधाम से मनाया गया। नववर्ष पर रात 1:30 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। 1 जनवरी को शाम 6 बजे तक 70 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका।
साल के पहले दिन मंदिर श्रद्धालुओं का भारी संख्या में पहुंचने की सिलसिला देर रात तक जारी रहा। वहीं, नववर्ष को जैसे ही रात के 12 बजे श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी और पटाखे फोड़े। कपाट खुलने तक मंदिर के बाहर हजारों की संख्या में श्रद्धालु खड़े रहे। इस दौरान पुलिस सतर्क रही और व्यवस्था को बखूबी संभाले रखा। वहीं, भाखड़ा, कैंची मोड़ और कोलांवाला टोबा में श्रद्धालुओं की उचित जांच के बाद आगे भेजा गया।
श्रद्धालुओं को अपने साथ अस्त्र-शस्त्र ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहा। मंदिर से श्रद्धालुओं को फ्लाईओवर से मंदिर भेजा गया और सीढिय़ों के रास्ते से वापस भेजा। उधर, मंदिर अध्यक्ष धर्मपाल ने बताया कि श्री नयनादेवी जी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से सब शांतिपूर्ण ढंग से निपटा गया।
सोने का सेट किया भेंट
नववर्ष पर नंगल पंजाब के एक श्रद्धालु ने मां नयना देवी को सोने का सेट भेंट। श्रद्धालु विजय ने सेट में सोने का हार, टीका और नथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष धर्मपाल को सौंपी। श्रद्धालु ने सेट की कीमत को गुप्त रखा है।
कांगड़ा के तीनों शक्तिपीठों में 47,000 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
नववर्ष के पहले दिन स्थानीय लोगों और बाहरी राज्यों से करीब 47,000 श्रद्धालुओं ने जिला कांगड़ा के तीनों शक्तिपीठों में दर्शन किए। सबसे अधिक भीड़ सोमवार को शक्तिपीठ ज्वालामुखी में देखने को मिली। साल के पहले दिन ज्वालामुखी मंदिर में 25,000, बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में 12,000 और चामुंडा मंदिर में सोमवार को 10,000 श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। इसके अलावा अन्य मंदिरों में भी खासी भीड़ देखने को मिली।
चिंतपूर्णी में 25,000 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
मां चिंतपूर्णी के दरबार में नववर्ष के पहले दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आए भक्तों ने सोमवार को कतारों में लगकर माता रानी का आशीर्वाद लिया। वहीं, सुगम दर्शन के माध्यम से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।
सोमवार शाम छह बजे तक माता रानी के दरबार में करीब 25,000 श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। इसमें अधिकतर श्रद्धालु पड़ोसी राज्य पंजाब से आए। वहीं, नई ट्रैफिक व्यवस्था के चलते स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि नववर्ष पर 24 घंटे मंदिर के कपाट खुले रहने से अधिक भीड़ की स्थिति पैदा नहीं हुई और श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के माता रानी के दर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में तैनात होमगार्ड के जवान भी सक्रियता के साथ डटे रहे।