अभिभावक बनना आसान काम नहीं है। बच्चों की अच्छी परवरिश कर उन्हें सही राह दिखाना बहुत जरूरी होता है। ताकि, जिन्दगी में बच्चे सही फैसला ले सकें। पर, टीन एज में पहुंचते-पहुंचते बच्चों को माता-पिता की शिक्षाएं पसंद नहीं आती हैं और उनको सही राह दिखाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर आप एक बेटी की मां है तो ये परवरिश और भी ज्यादा मुश्किल हो सकती है। अगर आपकी बेटी भी किशोरावस्था की दहलीज पर कदम रख रही है तो उसकी परवरिश में इन बातों का ख्याल जरूर रखें।
किशोरावस्था में कदम रखते ही बच्चों को लगता है कि उनके अभिभावक की सोच पुरानी है और वो दकियानूसी ख्याल के हैं। इसलिए बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें। उनकी हर गतिविधि में हंसी-खुशी शामिल होने का प्रयास करें। ऐसा करने से आप उनके साथ भी होंगी और जो सही बात अपनी बेटी को सिखाना चाह रही हैं वो सीखा भी लेंगी।
इस उम्र में बच्चों को अपने दोस्त ज्यादा अच्छे लगते हैं। उनको लगता है कि जो वो कह रहें हैं वहीं सही है, ऐसे में मां को ध्यान रखना चाहिए कि वो अपनी बेटी के साथ एक मां की तरह नहीं बल्कि दोस्त की तरह व्यवहार करे। जिससे बेटी खुलकर आपसे बात कर सके।
ऐसे में अगर उसके मन में कोई दुविधा होगी तो वो जरूर आपसे साझा करेगी और शायद एक मां होने के नाते आप उसे सही राह दिखा पाएंगी।
बेटी की परवरिश में कोई चूक नहीं होने देना चाहती हैं तो उसके और दोस्तों के साथ हंसी-मजाक में शामिल रहें लेकिन उन पर नजर भी रखें। ये ध्यान रखें की उसके फ्रेंड सर्कल में कौन-कौन और किस तरह के दोस्त हैं। जब आप इस तरह से अपनी टीन एज बेटी से पेश आएंगी तो जरूर ही वो आपके ज्यादा करीब रहेगी और खुदबखुद आपकी अच्छी बातों को समझेगी।