इस प्रयास में उन्हें कई कठिनाइयों और विरोध का भी सामना करना पड़ा। लेकिन हीराबाई ने उनके जैसी महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने की ठान ली थी। वह सिद्दी समाज की महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाना चाहती थीं। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने कई कदम उठाएं। परिणाम स्वरूप 700 से अधिक महिलाओं और बच्चों के जीवन में हीराबाई बदलाव लेकर आईं।
कई सम्मान अब तक मिले
महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उन्होंने महिलाओं के बैंक अकाउंट खुलवाएं और उन्हें रोजगार दिलाने की भी कोशिश की। वर्ष 2004 में हीराबाई लोबी ने महिला विकास फाउंडेशन की स्थापना की। उनके प्रयासों के लिए हीराबाई लोबी को रिलायंस रियल अवार्ड, जानकी देवी प्रसाद बजाज अवार्ड और कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।