रामायण सीरियल के शुरू होने के पीछे की कहानी को बताते हुए उन्होंने कहा कि सीरियल शुरू होने के कुछ साल पहले पापा जी काफी परेशान रहते थे। एक दिन हमारी मुलाकात हुई तो मैंने उन्हें आत्मिक शांति के लिए सुबह-शाम रामचरित मानस पाठ करने की सलाह दी। इसके बाद वे इतने रम गए कि रामायण सीरियल बनाने की ठानी और किरदारों की कांस्टिंग शुरू की गई।
बताया कि सीरियल शुरू होने के बाद कई बाधाएं आई, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मानों की प्रभु श्रीराम ही सीरियल की सारी बाधाओं को दूर कर रहे हैं और स्वत: ही सारी चीजें हो जाती थी। बताया कि अयोध्या में बन रहा राम मंदिर सनातन धर्म की ध्वजा को पूरे में विश्व में फहराने का कार्य करेगा। प्रभु श्रीराम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी औरी सीएम योगी को इस काम के लिए चुना है। देश वासियों का सौभाग्य है कि हम इसके साक्षी बन रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उन्हें राम मंदिर में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन उन्हें प्रभु श्रीराम की पाती का इंतजार है। बताया रामायण में जामवंत प्रभु श्रीराम की सेना के मंत्री की भूमिका में थे। प्रभु श्रीराम उनसे सलाह लेकर ही कुछ काम करते थे। आज जब प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है तो अपने अभिनय से रामायण को अमर कर देने वाले किरदारों को भी निमंत्रण मिलना चाहिए।