राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत
प्रत्येक मानव जो भगवान राम में अपनी आस्था रखता है, उसका उल्लास देखते बन रहा है। गांव-गांव, घर-घर में उत्सव का माहौल यूं ही नहीं है। इसके साथ ही अब धैर्य रखना होगा कि जिन लोगों ने राम को नकारा, वह उनकी अज्ञानता थी। हमें किसी से भेदभाव नहीं रखना चाहिए। हमें राम के आदर्शों को प्रत्येक मानव तक पहुंचाने का कार्य करना है और भगवान श्रीराम के मंदिर को सनातन का सर्वोच्च प्रतीक बनाना है।
मैं अब जिधर भी देख रहा हूं, देश का वातावरण राममय नजर आ रहा है। हर हिंदू उल्लसित है कि उनके आराध्य देव भगवान श्रीराम के नवीन विग्रह की अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा होने वाली है। इस प्राण-प्रतिष्ठा का मुझे भी न्योता मिला है। इस दिन को देखने का अवसर पाने के लिए मैं खुद को इसके लिए सौभाग्यशाली समझता हूं। मेरी कामना है कि भगवान प्रभु श्रीराम सबका कल्याण करें। - महंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद