आरोपी से पूछताछ करते मुस्लिम समाज के लोग।
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राजस्थान के बूंदी जिले के तलेड़ा में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक हिंदू युवक मुस्लिम बनकर दरगाह के नाम पर ठगी कर रहा था। अब तक वह मुस्लिम समाज के लोगों से 20 रुपये वसूल चुका था, लेकिन शनिवार को शक होने पर लोगों ने उससे पूछताछ की। जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
क्यों गजेंद्र बन गया सलीम?
आरोपी गजेंद्र मेहरा कोटा के कनवास का रहने वाला है। नोटबंदी और कोरोना के कारण वह आर्थिक तंगी का शिकार हो गया। अपना खर्च चलाने के लिए उसने शहंशाह पठान साहब खजूर वाले बाबा की दरगाह के नाम पर फर्जी रसीद बुक छपवाई। इसके बाद उसने नमाज पढ़ना भी सीखा। उसने अपना नाम बदलकर गजेंद्र से सलीम रख लिया।
जुमे की नमाज पर जाता था मस्जिद
27 मई शुक्रवार को आरोपी सलीम ने जमीतपुरा की मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की। इसके बाद दरगाह की तामीर के नाम पर हजारों रुपये की रसीद काटी। 3 जून को आरोपी तालेड़ा की मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचा और यहां भी चंदे की रसीद काटना शुरू कर दिया। उसके कहने पर हाजी अब्दुल अजीज अंसारी ने भी 500 रुपये की रसीद कटवाई। इसके बाद उन्होंने आरोपी से कनवास के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान उन्हें आरोपी की बातों पर शक हो गया।
दो जुमे पर 20 हजार की रसीदें काटी
आरोपी सलीम पर शक होने के बाद हाजी अब्दुल अजीज अंसारी ने देशवाली समाज के जिला अध्यक्ष इमरान देशवाली, मुस्लिम समाज के प्रमुख आबिद हुसैन शब्बीर अली कयूम खान सहित अन्य लोगों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने उससे पूछताछ की तो आरोपी सलीम ने अपना नाम गजेंद्र मेहरा बताया। उसने बताया कि वह दो जुमे पर 20 हजार से अधिक की रसीदें काट चुका है।
पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछ
मुस्लिम समाज के लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी यह काम कब से कर रहा था और उसने अब तक कितनी वूसली की है। इस संबंध में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। इधर, मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा, धर्म बदलकर दूसरे धर्म को बदनाम करने वाले लोग ही समाज में वैमनस्यता फैलाते हैं। रमजान के दिनों में इस प्रकार की घटनाएं ज्यादा होती हैं।