हमले में घायल अस्पताल में भर्ती।
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यहां जंगलों में मानवीय अतिक्रमण बढ़ने और बढ़ती गर्मी में अरावली पर्वतमाला के पहाड़ आग से धधक उठने से के कारण हिंसक पशु लेपर्ड अब आबादी क्षेत्रों में उत्पात मचाने लगे हैं। मंगलवार तड़के एक लेपर्ड ने हमला कर एक आदिवासी किसान और उसके पुत्र को घायल कर दिया। दिनों पिता पुत्र को इलाज के लिए उदयपुर के महाराणा भूपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लेपर्ड अटैक की घटना उदयपुर जिले की फलासिया तहसील के उमरिया गांव की है। इस गांव का 50 वर्षीय हाकरचंद सागिया मीणा मंगलवार तड़के 5 बजे अपने घर के बाहर आंगन में लेटा हुआ था। तभी उसने गांव के युवकों की शोर शराबे की आवाजें सुनी। हाकरचंद घर के बाहर निकला। उस पर लेपर्ड झपट पड़ा। लेपर्ड ने हकरचंद के पेट और चेहरे पर दांत गड़ा दिए। उसी समय हाकर चंद का पुत्र दिनेश अपने पिता को बचाने को दौड़ा। लेपर्ड ने दिनेश की हाथ की भुजा को अपने तीखे दांतो से घायल कर दिया। गांव वालों का पीछा करने से लेपर्ड पास की घनी झाड़ियों में छुप गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
इसी तरह की दूसरी घटना डूंगरपुर जिले के धंबोला थानांतर्गत भादर गांव। गांव में शिकार करने आए लेपर्ड ने ग्रामीणों के घेराव से बचने के लिए अखबार हॉकर गुणवंत कलाल के एक पावं की पिंडली अपने दांतों से जकड़ ली। कलाल ने दूसरे पैर की लात मारकर लेपर्ड के सभी हाथ पावं रस्सी से बंधवा दिए। वन विभाग की टीम ने ट्रांकुलिज करके लेपोर्ड को काबू में लिया।