मेवाड़ अंचल के सबसे बड़े शहर उदयपुर के रखरखाव और जन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए गठित नगर निगम बोर्ड में अब वार्ड 17 के लिए जन प्रतिनिधि का उपचुनाव नहीं होगा। बल्कि परिसीमन कर 30 नए वार्ड बनाने के बाद सभी 100 वार्डों के चुनाव नवंबर में एक साथ कराए जाएंगे। वर्तमान में यहां निगम के 70 वार्ड हैं।
राज्य सरकार ने उदयपुर नगर निगम के 100 वार्ड करने अथार्त वर्तमान 70 वार्डों के अलावा 30 नए वार्डों का गठन करने की स्थानीय जन प्रतिनिधियों की अनुसंशा स्वीकार कर ली है। लेकिन उदयपुर में नगर निगम एक ही होगा। प्रदेश में जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो नगर निगम कर दिए गए। सरकार इन तीनों शहरों में भी एक नगर निगम बनाने की कवायद में जुटी है।
इस वजह से निरस्त हुए उपचुनाव
नगर निगम परिसीमन के मद्देनजर इसी जून में होने वाला वार्ड 17 का उपचुनाव निरस्त कर दिया गया। उपचुनाव निरस्त करने का राज्य निर्वाचन अधिकारी का आदेश उसी दिन शाम को आया, जब सुबह कांग्रेस, भाजपा के प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर चुके थे। वार्ड 17 के पूर्व पार्षद ताराचंद जैन के उदयपुर शहर का विधायक बनने से पार्षद की सीट खाली हो गई थी।