सत्ता के संग्राम में बहस करते भाजपा-कांग्रेस के नेता।
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Satta Ka Sangram: अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' 5 अप्रैल को राजस्थान के उदयपुर में पहुंच चुका है। यहां का हालचाल लेकर हम आप तक लोकसभा क्षेत्र की असल तस्वीर सामने रखेंगे। यहां शाम को दोनों दलों के नेताओं से चर्चा के दौर में तीखी बहस देखने को मिली।
भाजपा समर्थक डॉक्टर जीनेंद्र शास्त्री ने कहा कि यहां सबसे बड़ा कोई काम हुआ है तो वो है उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन। इसकी मांग काफी लंबे समय से चल रही थी। अब मुंबई और दक्षिण की ओर जाने वालों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा भी बहुत काम हुए हैं। अगर काम न किए होते तो 2014 और 2019 का चुनाव न जीतते। मन्नालाल को लेकर भी उन्होंने कहा कि उनके सामने पूरी कांग्रेस पार्टी रणछोड़ हो गई है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से लोगों का विश्वास उठ चुका है। राजस्थान इस बार 25 की 25 सीटें भाजपा जीत रही है।
कांग्रेस समर्थक मोहम्मद अयूब ने मैदान छोड़ने वाली बात पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि छुटभैया नेता मैदान छोड़ भी देता है ता पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। विकास की बात पर उन्होंने सांसद पर ही हमला बोलते हुए कहा कि उदयपुर आम जनता से पूछिए अगर पांच लोग भी सांसद का नाम बता दें तो मैं मान जाऊंगा। कुल मिलाकर ये समझिए कि भाजपा जो कर रही है वो राजनीति है ही नहीं इसे कूटनीति कहा जाता है। लोगों को तोड़ना सरकारें गिराना ये सब इसी में आता है।
शहनाज ने कहा कि मोदी जी ने महिलाओं के कुछ नहीं किया। दस साल पहले पांच हजार में घर खर्च चल जाता था और आज 20 हजार भी कम पड़ जाते हैं। बचत की बात तो भूल ही जाओ। नौकरी का वादा किया वो भी झूठा साबित हुआ।