राजसमंद चारभुजा थाना इलाके के सुखार गांव स्थित आमज माताजी मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मंदिर से दानपात्र और माता जी गहने चोरी करने के आरोप में पुलिस ने अंकित दास पुत्र राजू दास (24) और भाणाराम पुत्र मिश्रीलाल (23) को गिरफ्तार किया है। दोनों गांव लापोद जिला पाली के रहने वाले हैं। उनके पास से दानपात्र, गहने और नगदी भी बरामद कर ली गई है।
राजसमंद एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि 18 जुलाई की रात सुखार ग्राम वासियों ने आमज माता जी के मंदिर में चोरी होने की सूचना दी। अज्ञात चोर मंदिर में रखे दानपात्र और माता जी के पहने हुए सोने चांदी के गहने चुरा ले गए थे। मंदिर के पुजारी हेम सिंह की रिपोर्ट पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दी गई। मुखबिरों को एक्टिव कर तकनीकी सहायता से भी आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी बीच बुधवार को नाकाबंदी के दौरान मानावतों का गुड़ा में बाइक पर बैठकर आ रहे दो युवकों को रुकने का इशारा किया पर वे मुड़कर भागने लगे।
पीछा कर पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ लिया। दोनों के बीच में मंदिर से चोरी दानपात्र रखा हुआ था। पूछताछ में आरोपियों ने मंदिर में चोरी करना स्वीकार कर लिया। उनके पास चोरी का दानपात्र, 38761 रुपये, माताजी के सोने-चांदी के जेवरात और बैग से ताला काटने की लोहे की आरी जब्त की गई।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अंकित दास और भाणाराम मुंबई में काम करते हैं। 5 दिन पहले दोनों मुंबई से फालना आए और रुपए की आवश्यकता होने पर फालना, सादड़ी और देसूरी की तरफ घूमते रहे। 18 जुलाई को वह चारभुजा कस्बे में आए और आसपास के मंदिरों की रेकी की। सुखार गांव से आगे तलहटी में चारों तरफ पहाड़ों और घने जंगलों के बीच स्थित एकांत में बने आमज माता जी के मंदिर में चोरी का प्लान बनाया और रात को मौका देख कर चोरी कर फरार हो गए।