जानकारी के अनुसार आरोपी दीपा ने पुलिस को बताया कि 21 मार्च मंगलवार को पति जितेंद्र शराब के नशे में घर आया। आते ही उसने बिना बात के पीटना शुरू कर दिया। दीपा ने बताया कि इसके बाद पति ने उसके साथ अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया। उसकी रोज-रोज की हरकतों से तंग आकर पहले मैंने खुद मरने का फैसला किया, लेकिन बाद में बच्चियों के बारे में सोचकर मन बदल लिया और उसे ही मारने का प्लान बना लिया।
दीपा ने बताया कि जितेंद्र उसके साथ आए दिन मारपीट करता था। अप्राकृतिक तरीके से संबंध बनाकर शारीरिक यातनाएं देता था। इस सब से बह परेशान हो चुकी थी। बीते मंगलवार को मारपीट के बाद उसने पूरी तरह से मन बना लिया था कि आज उसकी हत्या कर देगी। दीपा ने बताया कि प्लानिंग के तहत उसने जितेंद्र की सब्जी में नींद की गोलियां मिलाईं और खाना खिलाया। इसके बाद वह सो गया तो वह रात में दो बजे के करीब बीच उठी। नींद की गोलियां खाने के कारण जितेंद्र गहरी नींद में सो रहा था। दीपा ने बताया कि इसके बाद उसने जितेंद्र का गला घोंट दिया, लेकिन जिंदा बचने के शक में सिर पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी।
क्या है पूरा मामला
मामला भरतपुर नगर थाना इलाके के बेररू गांव का है। यहां मृतक जितेंद्र सैनी (30) किराए के मकान में अपनी पत्नी दीपा (25) के साथ रहता था। जितेंद्र फल-फ्रूट की दुकान चलाता था। सोमवार देर शाम दोनों पति-पत्नी गांव आए थे। अगले दिन सुबह जितेंद्र का शव चारपाई पर पड़ा मिला था। जितेंद्र और दीपा की शादी 12 साल पहले हुई थी। दोनों के एक 10 साल और एक आठ साल की बेटी है। पुलिस ने बताया कि ढाई साल पहले दीपा ने दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज करवाया था। इस मामले में मृतक जितेंद्र और उसका भाई बिजेंद्र छह महीने तक जेल में रहकर आए थे। यह केस कोर्ट में विचाराधीन है।