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राजस्थान: शुक्रवार रात संदिग्ध अवस्था में पकड़े गए थे तीन लोग, एक निकला पिता का हत्यारा और दो उसके साथी

Sun, 26 Dec 2021 11:02 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर

सार

पिता का 40 लाख रुपये का बीमा करवा दोस्तों को दी थी मारने की सुपारी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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शुक्रवार की रात गश्त के दौरान थाना डीग कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों को संदिग्ध हालत में एक हथौड़ा, मास्टर-की जैसी चाबी और लोहे की छड़नुमा तीन अन्य चाबियों के साथ धारा 151 में गिरफ्तार किया था। अगले दिन दूधवली पुलिया के पास मिली एक अधेड़ की लाश के मामले की जांच में गिरफ्तार किए गए उन्हीम तीन लोगों में से एक मृतक का हत्यारा बेटा और दो उसके साथी निकले, जिन्होंने सुपारी लेकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

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भरतपुर एसपी देवेंद्र कुमार विश्नोई ने बताया कि 24 दिसंबर की रात करीब 11:30 बजे तीन व्यक्ति डीग कस्बे में लक्ष्मण मंदिर के पास दुकानों की आड़ में खड़े थे। जिनके पास एक बड़ा हथौड़ा व कुछ चाबियां थी। थानाधिकारी डीग कोतवाली राजेश कुमार पाठक ने तीनों युवकों राजेश जाटव (30) पुत्र मोहकम, विजेंद्र जाटव (27) पुत्र पूरन निवासी सहारई कॉलोनी डीग और कान्हा जाटव (22) पुत्र अमर सिंह निवासी मथुरा यूपी को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी विश्नोई ने बताया कि शनिवार को सुबह 5:30 बजे कंट्रोल रूम से दिदावली पुलिया के पास एक व्यक्ति मृत अवस्था मे पड़े होने की सूचना मिलने पर थानाधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान मोहकम जाटव (58) पुत्र कारे जाटव निवासी सहारई थाना सदर डीग के रूप में हुई। जांच के दौरान पता चलाकि मोहकम के बेटे ने तीन चार महीने पहले ही दो-तीन बैंकों में करीब 40 लाख का बीमा करवाया था।
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पुलिस को हादसे में मौत लगी संदिग्ध, पूछताछ में सामने आई हकीकत
मृतक के सिर पर आई चोटों और एक्सीडेंट के दौरान घिसटने का कोई निशान नहीं मिलने पर मामला संदिग्ध लगा। इस पर राजेश और उसके मित्र विजेंद्र व कान्हा से पूछताछ की गई तो उन्होंने हत्या करना स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि मोहकम बेटे राजेश के परिवार के साथ फरीदाबाद में रह रहा था। राजेश के मन में पिता का एक्सीडेंटल बीमा करा कर उसकी हत्या कर हत्या को हादसे का रूप देकर बीमा क्लेम उठाने का ख्याल आया। 

पिता का 40 लाख रुपये का करवाया था बीमा, कुछ ऐसी थी पूरी योजना
इस पर उसने अपने दोस्तों को पैसे देकर पिता को मारने की सुपारी दी। इसके लिए पहले पिता का 40 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा करवाया। इसके बाद घटना को अंजाम देने के लिए राजेश अपने पिता को लेकर 24 दिसंबर को फरीदाबाद से कोसी पहुंचा और कोसी से छटीकरा पहुंच गया। यहां वह कान्हा से मिला। यहां पर तीनों ने शराब पी। इसके साथ ही छटीकरा से 500 रुपये में हथौड़ा खरीदा गया। वहां से कान्हा की बाइक से तीनों गोवर्धन पहुंचे। 

यहां उन्हें विजेंद्र अपनी मोटरसाइकिल सहित मिला। दोनों मोटरसाइकिल से चारों दीदावली पुलिया के पास पहुंचे। जहां हथौड़े से मोहकम सिंह के सिर और शरीर पर वार कर हत्या कर दी गई और एक्सीडेंट का रूप देने के लिए उसकी लाश रोड के किनारे पटक दी। घटना के बाद डीग जाकर तीनों अपने-अपने घर जाने के लिए रवाना हो रहे थे, इतने में ही पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में देखा तो तीनों को गिरफ्तार कर लिया और बाद में असलियत पता चली।

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