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Sukhdev Singh Murder Case: गोगामेड़ी हत्याकांड की जांच NIA करेगी, केस दर्ज किया; जानिए क्यों की उठी थी यह मांग

Tue, 19 Dec 2023 05:39 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Sukhdev Singh Murder Case Update: श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। एनआईए ने केस दर्ज कर लिया है।

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सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को इसे लेकर आदेश जारी किए। इसके बाद एनआईए ने केस दर्ज कर लिया। जल्द ही एनआईए की टीम मामले की जांच शुरू करेगी। इसे लेकर एनआईए की टीम जयपुर भी आ सकती है। 

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क्या है सुखदेव सिंह हत्याकांड?
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने घर में घुसकर सुखदेव को गोलियों से भून दिया था। इस हमले में गोली लगने से घायल हुए  सुरक्षाकर्मी अजीत सिंह को भी कुछ दिन चले इलाज के बाद मौत हो गईं थी। सुखदेव की हत्या के बाद से राजस्थान में तनाव के हालत हो गए थे। कई जिलों में प्रदर्शन भी हुए थे। 10 दिसंबर को पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मुख्य शूटर नितिन फौजी और रोहित राठौड़ के साथ एक अन्य आरोपी उधम को चंडीगढ़ से पकड़ा गया था।  

एनआईए को क्यों सौंपी गई जांच?
दरअसल, सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आया था। करणी सेना के पदाधिकारियों ने दावा किया था कि गोगामेड़ी की हत्या पाकिस्तान ने कराई है। उन्हें, पाकिस्तानी नंबरों से जान से मारने की धमकियां भी मिल रहीं थीं।  
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क्यों आंतकियों के निशाने पर थे गोगामेड़ी
15 अगस्त 2018 को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने करणी सेना के सदस्यों के साथ लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। इसके बाद से वे आतंकियों के निशाने पर थे। करणी सेना के पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया था कि पाकिस्तान से सुखदेव दादा को जान से मारने की धमकी मिली थी। लाल चौक पर तिरंगा फहराने के बाद से ही वे आतंकियों के निशाने पर थे। करणी सेना के पदाधिकारियों ने पिछले साल एक प्रेसवार्ता कर गहलोत सरकार और राजस्थान पुलिस से उन्हें सुरक्षा देने का आग्रह भी किया था।

पुराने वीडियो भी आया था सामने  
गोगामेड़ी की हत्या का कारण पुलिस की लापरवाही को भी माना गया था। जान से मारने की धमकियों मिलने के बाद गोमामेड़ी कई बार पुलिस से सुरक्षा मांग चुके थे, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई थी। इसे लेकर उनका एक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें वे कह रहे थे कि जान से जारने की धमकियां मिलने की शिकायत की थी। लेकिन, तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस और प्रशासन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि धमकियां पाकिस्तान से मिल रहीं हैं या फिर इंटरनेट के जरिए दी जा रही हैं। 

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