मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, राजस्थान में कहीं भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। तनाव की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण किया गया है। आज देशभर में तनाव और अशांति का माहौल है। रामनवमी पर सात राज्यों में समान पैटर्न पर दंगे हुए। जिनके पीछे की गहरी साजिश की केंद्रीय स्तर पर जांच कराने के लिए मैंने गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया है।
यह बातें मुख्यमंत्री गहलोत ने कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा, हाल की में हुई सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करें। प्रत्येक घटना की बिना किसी भेदभाव के गहराई से जांच की जाए। कानून व्यवस्था बनाने रखने और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए शांति समिति, सीएलजी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक और सुरक्षा सखियों का प्रभावी उपयोग करें। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे का उपयोग कर निगरानी तंत्र को और मजबूत करें।
सीएम गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला अधिकारी अधिकारियों के साथ मौके निरीक्षण करें, ताकि छोटी घटनाओं को और अधिक भड़कने से रोका जा सके। आदतन अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करें। जरूरत पड़ने पर एनएसए, राजपासा और गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय पैदा हो। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाले तत्वों द्वारा फैलाई जाने वाली अफवाहों के बारे में लोगों को तत्काल सही जानकारी से अवगत कराना चाहिए। इसके लिए सोशल मीडिया का प्रभावी रूप से इस्तेमाल करें।
ऑपरेशन शिकंजा के तहत हो रही कार्रवाई
बैठक में अफसरों ने सीएम गहलोत को बताया, चार मई से पुलिस ने सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के खिलाफ 'ऑपरेशन शिकंजा' शुरू किया है। इसके तहत अब तक 218 अपराधियों की गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही 1100 से अधिक बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अभियान के तहत पूर्व में वांछित, सांप्रदायिक घटनाओं में लिप्त और सोशल मीडिया पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।