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Sirohi: पिंडवाड़ा में आठ फरवरी तक निषेधाज्ञा लागू, जानें प्रशासन ने क्यों लिया ये फैसला?

Mon, 26 Jan 2026 07:46 AM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

Sirohi: पिंडवाड़ा उपखंड में प्रस्तावित लाइम स्टोन खनन परियोजना के विरोध के मद्देनज़र प्रशासन ने 8 फरवरी 2026 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इस दौरान क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
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उपखंड अधिकारी कार्यालय पिंडवाड़ा, सिरोही
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विस्तार
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 क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में संभावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए पिंडवाड़ा उपखंड अधिकारी ने 8 फरवरी 2026 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। आदेश के तहत किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जुलूस, धरना, प्रदर्शन एवं सभाओं के आयोजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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खनन परियोजना के विरोध में दिया गया था ज्ञापन
उपखंड अधिकारी द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि पिंडवाड़ा उपखंड क्षेत्र में प्रस्तावित लाइम स्टोन खनन परियोजना के विरोध में पिंडवाड़ा तहसील की चार ग्राम पंचायतों वाटेरा, भीमाना, भारजा एवं रोहिडा के अंतर्गत आने वाले कुल 12 गांवों के ग्रामीणों द्वारा 28 जनवरी 2026 को धरना-प्रदर्शन एवं आमसभा आयोजित करने हेतु ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था। इसमें पांच हजार से अधिक लोगों के एकत्रित होने की संभावना जताई गई थी।

इस वजह से लागू किया गया निषेधाज्ञा
प्रशासन के अनुसार, इस दौरान विरोध प्रदर्शन, धरना, उपखंड कार्यालय में भीड़ के साथ प्रवेश एवं राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाने की आशंका थी। साथ ही, प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न होने से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जो 8 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी।
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इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
निषेधाज्ञा की अवधि में उपखंड मुख्यालय पिंडवाड़ा तथा थाना रोहिडा एवं सरूपगंज के सम्पूर्ण क्षेत्र में किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जुलूस, धरना, प्रदर्शन एवं सभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन लोक शांति एवं सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी प्रचार-प्रसार नहीं करेगा। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र या अन्य घातक हथियार जैसे रिवॉल्वर, पिस्तौल, राइफल, बंदूक, तलवार, भाला, चाकू, गुप्ती, फरसी, लाठी आदि लेकर चलने या प्रदर्शन करने पर भी रोक रहेगी।

इन पर लागू नहीं होगी निषेधाज्ञा
आदेश के अनुसार वृद्ध, असहाय एवं बीमार व्यक्ति, जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते, वे लाठी का उपयोग कर सकेंगे। सिख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण धारण करने की अनुमति होगी। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस, राजस्थान पुलिस, अर्द्धसैनिक बल एवं होमगार्ड पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा शस्त्र अनुज्ञा-पत्र के नवीनीकरण, शस्त्र निरीक्षण अथवा पुलिस थाने में शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया पर भी यह आदेश लागू नहीं होगा। राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के वे सदस्य, जो प्रतियोगिता की तैयारी या उसमें भाग लेने जा रहे हैं, उन्हें भी इस आदेश से छूट दी गई है।

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इन बातों का भी करना होगा पालन
निषेधाज्ञा के दौरान कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक, जातीय सद्भावना एवं लोक शांति को ठेस पहुंचाने वाले या उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगाएगा, न ही इस प्रकार का कोई भाषण या वक्तव्य देगा। ऐसे किसी भी प्रकार के पंपलेट, पोस्टर या सामग्री के मुद्रण, वितरण अथवा प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध रहेगा। कोई भी व्यक्ति लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं करेगा। अन्य समय में भी इनके उपयोग के लिए सक्षम पुलिस अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा सेवन, मदिरा पिलाने या इसके लिए उकसाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बिना उपखंड अधिकारी की लिखित अनुमति के कोई भी व्यक्ति या संस्था जुलूस, रैली, सभा या सार्वजनिक बैठक का आयोजन नहीं कर सकेगी।
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