रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन सतर्क अभियान के तहत ट्रेन संख्या 12916 आश्रम एक्सप्रेस में मारवाड़ जंक्शन से आबूरोड तक निगरानी चलाई जा रही थी। जांच के दौरान एस 4 कोच में सीट संख्या 31 के नीचे एक लाल रंग का भारी ट्रॉली बैग पाया गया, जिसके बारे में यात्रियों से पूछताछ के बाद पता चला कि वह बैग उनमें से किसी का नहीं था। बैग की तलाशी लेने पर उसमें विभिन्न ब्रांडों की कुल 24 बोतलें अंग्रेजी शराब की पाई गईं। जब्त शराब की कीमत 44,760 रुपये आंकी गई है।
आबूरोड स्टेशन पहुंचने पर बैग और शराब को रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने आबकारी विभाग को सौंप दिया। पैसेंजर ट्रेनों में शराब तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। समय-समय पर लावारिस बैग के रूप में शराब की खेप पकड़ी जाती है लेकिन तस्करों तक पुलिस का पहुंचना हमेशा मुश्किल बना रहता है। बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी के नेटवर्क पर सवाल खड़े करती हैं।
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाने की योजना पर काम कर रहे हैं। हालांकि यह भी सवाल है कि शराब तस्करी के इस संगठित नेटवर्क के पीछे कौन है और ये लोग किस तरह बार-बार पुलिस की पकड़ से बच निकलते हैं।
रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा और मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद के नेतृत्व में अवैध तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन सतर्क के बारे में अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए ट्रेनों में निगरानी और बढ़ाई जाएगी ताकि तस्करों तक पहुंचा जा सके।