राजस्थान के सीकर में उद्योग नगर थाना क्षेत्र के पिपराली चौराहे के पास मंगलवार शाम तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने घर के बाहर चबूतरे पर बैठी 45 वर्षीय महिला बानो को कुचल दिया। हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि पास बैठे चार साल के पोते और नौ महीने की पोती की जान बाल-बाल बच गई।
सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में पिपराली चौराहे के पास स्थित धन्वंतरी अस्पताल के नजदीक मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने घर के बाहर चबूतरे पर बैठी महिला को कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, पास में बैठा उनका चार साल का पोता और नौ महीने की पोती इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए।
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हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई दुर्घटना
दुर्घटना में जान गंवाने वाली महिला की पहचान नवलगढ़ निवासी 45 वर्षीय बानो पत्नी जब्बार के रूप में हुई है। बानो मंगलवार रात अपने घर के बाहर बने चबूतरे पर चार साल के पोते कबीर और नौ महीने की पोती गुड़िया के साथ बैठी हुई थीं। उसी दौरान अनियंत्रित गति में एक ट्रैक्टर आया और बानो को कुचलते हुए मकान की दीवार तोड़ दी। परिजन बानो को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर मोर्चरी में रखवा दिया। हादसे में दोनों मासूम बच्चों को हल्की चोटें आई हैं।
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आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना देना शुरू कर दिया है। परिजनों की मांग है कि आरोपी ड्राइवर को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मृतका के भतीजे साहिल ने कहा कि जब तक पुलिस आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार नहीं करती, तब तक वे शव नहीं स्वीकार करेंगे और उनका धरना लगातार जारी रहेगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है।
कई वर्षों से सीकर में धोबी का काम कर रहा परिवार
मृतक बानो का परिवार मूल रूप से नवलगढ़ का रहने वाला है, जो पिछले कई वर्षों से सीकर में रहकर धोबी का काम करता है। बानो का एक बेटा विदेश में रहता है, जबकि दूसरा बेटा सद्दाम सीकर में ही लॉन्ड्री चलाता है। इस हादसे के बाद परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है और वे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं।