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Sawai Madhopur : जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल ने केंद्र पर निशाना साधा, किसान आंदोलन और धारा 370 पर दिए बयान

Wed, 25 Dec 2024 06:08 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर

सार

आज सवाई माधोपुर पहुंचे जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार किसान विरोधी है। तीन काले कानून वापस लेने के बाद भी एमएसपी लागू करने का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने धारा 370 को लेकर भी बात की।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक आज सवाई माधोपुर पहुंचे। सर्किट हाउस पहुंचने पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट और अन्य गणमान्य लोगों ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान मलिक ने मीडिया से बातचीत में कई मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार रखे।
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उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए, जिससे लगे कि बाबा साहब का अपमान हो रहा है। उन्होंने इसे देश के लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। 

मलिक ने कहा, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 मैंने हटाई। मोदी सरकार ने इसे हटाने का इरादा जाहिर किया था, लेकिन इसे आगे बढ़ाने का काम मैंने किया। अगर मैं चाहता, तो इसे रोक सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया क्योंकि यह एक अच्छी पहल थी।
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उन्होंने यह भी कहा कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बड़े बदलाव हुए हैं। पहले लोग खुद को हिंदुस्तान से अलग मानते थे, अब वही लोग भारतीयता को स्वीकार कर रहे हैं। पत्थरबाजी और अलगाववादी सोच में कमी आई है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी सरकार धारा 370 को बहाल नहीं कर सकती।

किसान आंदोलन को लेकर मलिक ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "यह सरकार किसान विरोधी है। तीन काले कानून वापस लेने के बाद भी एमएसपी लागू करने का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया। अगर सरकार किसानों की मांगों को जल्द पूरा नहीं करती, तो देश में एक और बड़ा किसान आंदोलन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर होगी।"

एक देश, एक चुनाव व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी राज्य की सरकार गिरती है या बर्खास्त होती है, तो वहां चुनाव कैसे होंगे? यह व्यवस्था व्यावहारिक रूप से सफल होती नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि संविधान को कोई भी सरकार, चाहे वह मोदी सरकार हो या अन्य, बदल नहीं सकती। उन्होंने इसे देश की मजबूती और लोकतंत्र का आधार बताया।

मलिक के तीखे तेवर और केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोप एक नई बहस को जन्म दे सकते हैं। किसान आंदोलन, धारा 370 और एक देश एक चुनाव जैसे मुद्दों पर उनके विचार आने वाले दिनों में चर्चा का केंद्र बन सकते हैं।
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