सत्ता का संग्राम में चर्चा के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंची अमर उजाला की टीम ने तीसरे सत्र की चर्चा में यहां चुनावी मुद्दों के साथ ही सियासी समीकरणों को भी समझने का प्रयास किया।
ज्योति मिर्धा हैं सही उम्मीदवार
नागौर के विकास और चुनावों में उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर भाजपा के भोजराज सारस्वत का कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण नागौर विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है। विधानसभा चुनाव हारने के बाद ज्योति मिर्धा को दोबारा प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि वे इस सीट के लिए एकदम सही उम्मीदवार हैं और इस सीट से जीतकर केंद्र में जाएंगी और मंत्री बनेंगी। ज्योति मिर्धा के बाहरी होने के प्रश्न पर भाजपा के जिला महामंत्री बजरंगलाल शर्मा ने कहा कि वे बाबा की पोती के नाम से जानी जाती हैं और नागौर की जनता उनके साथ है।
मुद्दों से परे है यहां का चुनाव
मुद्दों के ही सवाल पर अभिनव राजस्थान पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि ये चुनाव मुद्दों पर है ही नहीं। दोनों ही बड़ी पार्टियों के पास यहां चुनाव में उतारने के लिए उम्मीदवार ही नहीं है। यहां की मुख्य समस्याओं के बारे में बात नहीं करते हुए पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर केवल व्यक्तिगत राजनीति कर रही हैं। इन सबके बीच नागौर फंसकर रह गया है। पार्टियों ने यहां कार्यकर्ताओं पर प्रत्याशियों को ठेल दिया है। अफसरशाही के चलते धीमी गति से नागौर का विकास हो रहा है।
बेनीवाल के साथ गठबंधन देगा जीत
कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष हीरालाल भाटी का कहना है कि कांग्रेस यहां धरातल पर मजबूत है, हनुमान बेनीवाल के साथ गठबंधन करके पार्टी मजबूत होगी और निश्चित रूप से पार्टी यहां से चुनाव जीतेगी। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मोतीलाल चंदेल ने ज्योति मिर्धा को बाहरी व्यक्ति बताया। वैसे ध्यान दिला दें कि ज्योति पूर्व में कांग्रेस पार्टी से ही नागौर के चुनाव में उतारी गई थीं। भाजपा पर सनातन और गौमाता के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने चंदा लेकर धंधे की राजनीति की है।