जिले के देवगढ़ उपखंड स्थित दौलपुरा गांव के पटवारी देवराज सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत चार भाइयों की पैतृक जमीन के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी कराने की एवज में मांगी गई थी।
जानकारी के अनुसार गांव के चार भाइयों ने अपनी जमीन के बंटवारे के लिए आवेदन किया था, लेकिन पटवारी देवराज सिंह द्वारा लगातार टालमटोल की जा रही थी। बाद में उसने काम के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। इस पर पीड़ित पक्ष ने एसीबी को मामले की शिकायत की जिस पर शिकायत का सत्यापन किया गया और आरोप सही पाए गए।
ये भी पढ़ें: Balotra News: पशुधन के लिए भेजे गए पानी का कर रहा था निजी उपयोग, चाचा ने पोल खोली तो भतीजे ने कुल्हाड़ी मारी
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिम्मत सिंह चारण के अनुसार पीड़ित सिर्फ 5 हजार रुपए की व्यवस्था कर पाया था। शेष 35 हजार रुपए एसीबी द्वारा डमी करंसी के रूप में उपलब्ध कराए गए। तय योजना के अनुसार देवगढ़ स्थित स्टेडियम के पास जैसे ही पटवारी ने 40 हजार रुपए रिश्वत की रकम ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। हाथ धुलवाने पर भी रंग चढ़ा मिला, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल कराया गया और उसके आवास की तलाशी ली गई, साथ ही जमीन बंटवारे से संबंधित दस्तावेजों को भी जब्त किया गया। अब आरोपी को राजसमंद लाया गया है, जहां उसे आज एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
पीड़ितों का कहना है कि पटवारी देवराज सिंह बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं करता और बार-बार बहाना बनाकर उन्हें टालता रहा। उन्होंने बताया कि कई बार कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार उन्हें रिश्वत देने के लिए दबाव डाला गया।