वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी
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राजस्थान के धौलपुर के राजाखेड़ा में बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि भाजपा की सभाओं में ‘भारत माता की जय’ की जाती है। जैसे मैं बोलूं भारत माता की तो सब लोग भारत माता की जय करते हैं। मगर ये भारत माता जो है, ये है क्या। ये भारत की जनता है। जब हम भारत माता की जय करते हैं तो हम भारत माता की जनता की जय करते हैं, आपके माता-पिता, उनके माता-पिता हम सब की जय करते हैं। उन्होंने सभा से पूछ कि सही बात। भारत माता में आज सबसे बड़ा सवाल है कि सोने की चिड़िया में किसकी कितनी भागीदारी है।
'भारत माता का धन किसके हाथ जा रहा है'
राहुल गांधी ने कहा कि सोने की चिड़िया धन पैदा करती है। सवाल ये है कि आज इस देश में धन को कैसे बांटा जा रहा है, किसके हाथ जा रहा है। क्या सचमुच में हिंदुस्तान का धन भारत माता की जनता के हाथ में जा रहा है या फिर भारत माता का धन चुने हुए लोगों के हाथ में जा रहा है। ये सबसे बड़ा सवाल है।
'सबसे पहला कदम जाति जनगणना का है'
राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी हर भाषण में कहते थे कि भाइयों और बहनों मैं ओबीसी वर्ग का हूं। आपने सुना है न। उन्होंने पूछा कि ओबीसी की हिंदुस्तान में क्या आबादी है, कोई बता सकता है। कितने हैं हिंदुस्तान में ओबीसी, कोई बता नहीं सकता। किसी को नहीं मालूम कि पिछड़ों की आज हिंदुस्तान में क्या आबादी है। इसलिए मैंने पार्लियामेंट में कहा कि हम भारत माता की जय करते हैं। मगर भारत माता में किसकी कितनी आबादी है ये किसी को नहीं मालूम। इसलिए मैंने सदन में जाति जनगणना की मांग की। मैंने कहा कि अगर हमें सचमुच में लोगों को भागीदारी देनी है। दलितों को, आदिवासियों को, गरीब जनरल कास्ट को भागीदारी देनी है तो सबसे पहला कदम जाति जनगणना का है।
'मोदी जी अब कहते हैं भारत में सिर्फ गरीब जाति है'
उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में जिस दिन मैंने ये बात कही, उस दिन से नरेंद्र मोदी जी के भाषण बदल गए। पहले कहते थे कि मैं ओबीसी हूं। जब मैंने ओबीसी की आबादी का सवाल उठाया। उसके बाद नरेंद्र मोदी कहते हैं कि भाइयों और बहनों हिंदुस्तान में सिर्फ एक जाति है, वो है गरीब। वोट लेने के लिए नरेंद्र मोदी ओबीसी, मगर जब ओबीसी को भागीदारी देने का सवाल आया, उनकी सच्ची शक्ति उनकी आबादी पता लगाने की बात आई। तब नरेंद्र मोदी कहते हैं कि देश में ओबीसी हैं ही नहीं, दलित हैं ही नहीं, आदिवासी हैं ही नहीं, जनरल हैं ही नहीं। सिर्फ एक जाति है वो है गरीब।