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Rajasthan Politics: मोदी ने गहलोत के आग्रह पर सिर्फ विकास के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा,मंच पर पहले हुई बातचीत

Wed, 10 May 2023 01:51 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आपसी ट्यूनिंग कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के लिए बेहद चर्चा का विषय बन चुकी है। मोदी अशोक गहलोत को बार-बार मेरे मित्र अशोक गहलोत कह कर पुकार रहे हैं। साथ ही वह उनकी तारीफ करने से भी नहीं चूकते।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नाथद्वारा की जनसभा में मोदी ने अशोक गहलोत या उनकी सरकार के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। क्योंकि गहलोत मंच पर मौजूद थे। अब शाम को आबूरोड मानपुर एयरस्ट्रिप पर होने वाली पीएम की बड़ी जनसभा का लोगों को इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाथद्वारा में हुई जनसभा के बाद एक बड़ी जनसभा अब आबूरोड पर मानपुर एयर स्ट्रिप ग्राउंड पर शाम को होगी, जिसमें बीजेपी एक लाख लोगों की भीड़ जुटने का दावा कर रही है। मोदी इस जनसभा से बड़ा सियासी संदेश देंगे ऐसा माना जा रहा है।

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नाथद्वारा में हुई सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच काफी देर मंच पर चर्चा होती रही। मोदी इशारों में गहलोत को कुछ समझाते रहे और गहलोत अपनी बात कहते रहे। इसके बाद जब उद्बोधन की बारी आई तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वह काम गिनाए, जो राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं हैं या फिर राहुल गांधी ने गहलोत को जिन्हें प्राथमिकता से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। 

कांग्रेस पार्टी इन योजनाओं के बूते देशभर में चुनाव में उतरना चाह रही है, जिनमें राइट टू हेल्थ, फूड सिक्योरिटी, 500 में रसोई गैस सिलेंडर, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और ओला- उबर जैसे वर्कर्स के लिए बजटीय प्रावधान, ईस्टर्न राजस्थान कैनल प्रोजेक्ट, भीलवाड़ा की मेमो कोच फैक्ट्री जैसे काम शामिल रहे।
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गहलोत के आग्रह के बाद प्रधानमंत्री ने सिर्फ विकास के मुद्दे पर नाथद्वारा में कांग्रेस को घेरा...
गहलोत ने मंच से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह भी निवेदन कर दिया कि लोकतंत्र में दुश्मनी नहीं होती है। केवल पार्टियों में विचार का मतभेद होता है। गहलोत ने प्रधानमंत्री से पहले ही मंच से इस बात का आग्रह कर दिया था कि हिंसा पर लगाम लगाने वाली बात प्रधानमंत्री करें। गौरक्षा के नाम और मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी गहलोत ने जिक्र किया, जो बहुत चर्चित रहा। सीधे तौर पर गहलोत ने इशारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आपसी प्रेम, भाईचारा, मोहब्बत सभी जाति-समाजों के बीच प्रेम बनाए रखने वाली बात करने का आग्रह किया था, जिसे पीएम मोदी ने भी मान लिया और मोदी ने केवल विकास के आधार पर नाथद्वारा की सभा में बिना नाम लिए कांग्रेस और यूपीए की पिछली सरकारों को घेरा।

सबसे खास बात यह रही कि दौसा में हुई पिछली जनसभा की तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाथद्वारा में भी अशोक गहलोत को मेरे मित्र राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी कहकर संबोधित किया। पीएम मोदी के बार-बार गहलोत को मेरे मित्र पुकारे जाने की भी खासी सियासी चर्चाएं हैं। राजस्थान की जनता ही नहीं कांग्रेस, बीजेपी और अन्य पार्टियों के नेता भी इसके अपने-अपने विचार से मायने निकाल रहे हैं।

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