चित्तौड़गढ़ के भदेसर थाना इलाके में वागन नदी में बोरे में मिली लाश के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों नीलागागडरी का खेड़ा थाना गंगरार के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान छोटू सिंह पुत्र चतर सिंह (45) और कालू सिंह पुत्र लाल सिंह (21) के रुपए में हुई है। दोनों रिश्ते में चाचा और भतीजा हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि छोटू सिंह की बेटी के साथ मोनू शर्मा का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। छह अप्रैल को मोनू युवती से मिलने अभियुक्तों के घर गया। यहां वह उसे ले जाने लगा तो छोटू सिंह से उसका विवाद हो गया। इसके बाद उसने अपने भतीजे कालू सिंह के साथ मिलकर उसक हत्या कर दी। बाद में वैन से लाश ले जाकर नदी में फेंक दी। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी मोनू उसकी युवती को लेकर भाग गया था। जिसे पुलिस तलाश किया था।
चित्तौड़गढ़ एसपी प्रीति जैन ने बताया कि भदेसर थाना इलाके में वागन नदी में रविवार को बोरे में बंद युवक की लाश मिली थी। होडा गांव के पुजारी अशोक कुमार ने इसकी पुलिस को सूचना दी थी। अज्ञात आरोपी सुबह वैन से बोरे में बंद लाश नदी में फेंक गए थे। पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
एसपी प्रीति जैन ने बताया कि मृतक की पहचान बूंदी रोड थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ निवासी मोनू दुबे के रूप में हुई। मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने संयुक्त रूप से विशेष प्रयास कर घटना में शामिल चाचा-भतीजा छोटू सिंह और कालू सिंह को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की तो उन्होंने मोनू की हत्या कर लाश नदी में डालना स्वीकार किया है।