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Rajasthan: नड्डा की सभा में खाली रहीं कुर्सियों को लेकर आलाकमान नाराज, जन आक्रोश यात्रा भीड़ जुटाना चुनौती

Fri, 02 Dec 2022 10:39 PM IST
उदित दीक्षित आशीष कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, जयपुर

सार

जेपी नड्डा की सभा में कुर्सियां खाली रहने का मामला दिल्ली हाईकमान तक पहुंच गया है। जिसे लेकर नाराजगी भी जताई गई है। जन आक्रोश यात्रा में जन की भागीदारी का नहीं होना भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं माना जा रहा है। 
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प्रदेश में निकाली जा रही जन आक्रोश यात्रा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में भाजपा की जन आक्रोश यात्रा शुरू हो गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश से योगीराज के 51 रक्ष बुलाए थे। गुरुवार को जयपुर आए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इन रथों को झंडी दिखाकर रवाना किया। अब इस जन आक्रोश यात्रा और जेपी नड्डा के दौरे को लेकर कई ऐसी बातें सामने आईं जो भाजपा के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जा रही है।      

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दरअसल, जन आक्रोश यात्रा प्रदेश के 200 विधानसभा क्षेत्रों में निकाली जाएगी। इस दौरान यह यात्रा 75 हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करेगी। यात्रा को लेकर भाजपा का लक्ष्य है कि इसमें आम जनता को जोड़ा जाए। इसके लिए जन आक्रोश यात्रा के रथों में शिकायत पेटी भी लगाई गई है। आम लोग इसमे अपनी शिकायत और समस्या लिखकर डाल सकते हैं। 

कहा जा रहा है कि भाजपा ने राजस्थान में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को टक्कर देने के लिए जन आक्रोश यात्रा की शुरुआत की है। यात्रा की शुरुआत करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को जयपुर बुलाया गया। गुरुवार को आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के एक मैदान से नड्डा ने 51 रथों को झंडी दिखाकर रवाना किया। सब कुछ भाजपा के हिसाब से चल रहा था, लेकिन जेपी नड्डा की सभा में खाली रहीं कुर्सियों का मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। कांग्रेस नेताओं ने भी इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा।  
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बताया यह भी जा रहा है कि जेपी नड्डा की सभा में कुर्सियां खाली रहने का मामला दिल्ली हाईकमान तक पहुंच गया है। जिसे लेकर नाराजगी भी जताई गई है।  जन आक्रोश यात्रा में जन की भागीदारी का नहीं होना भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं माना जा रहा है। 

जन आक्रोश यात्रा 200 विधानसभाओं में निकाली जाएगी। इस दौरान हर विधानसभा में एक सभा का आयोजन भी किया जाएगा। वहां के प्रभारी और नेताओं को हर सभा में 5000 लोगों को लाने का टार्गेट दिया गया है। अगर, इस हिसाब से देखें तो पूरे प्रेदश में से सिर्फ 10 लाख लोग ही सभा में आएंगे, जबकि राजस्थान की आबादी 7 करोड़ से ज्यादा की है। जन आक्रोश यात्रा के माध्यम से भाजपा अगर 100 फीसदी लक्ष्य पूरा  करती है तो यह यात्रा सिर्फ 2% आबादी तक ही पहुंच रही है,  यानी  जन आक्रोश यात्रा में जन ही नदारद है। 

जिस तरह से जयपुर में जेपी नड्डा की सभा में कुर्सियां खाली रहीं तो भाजपा को और भी मुश्किल हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान भाजपा प्रभारी अरुण सिंह भी इस यात्रा को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उनकी भी छवि इस यात्रा से जुड़ गई है। 

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