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राजस्थान : गहलोत सरकार ने वृद्ध और बीमार कैदियों को जेलों से रिहा करने के प्रस्ताव को दी मंजूरी 

Wed, 22 Dec 2021 02:49 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, जयपुर

सार

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ऐसे कैदियों की समय से पहले रिहाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिन्होंने अपनी अधिकांश सजा सद्भावना से काट ली है या गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और बूढ़े हो गए हैं।
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जेल कैदी- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को राज्य की विभिन्न जेलों में बंद बीमार और वृद्ध कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने ऐसे कैदियों की समय से पहले रिहाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिन्होंने अपनी अधिकांश सजा सद्भावना से काट ली है या गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और बूढ़े हो गए हैं।

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गंभीर रोग, अंधे या विकलांग या लंबे समय से कैद कैदियों को किया जा सकता रिहा
प्रस्ताव के अनुसार ऐसे कैदियों को समय पूर्व रिहाई दी जा सकती है जो कैंसर, एड्स, कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं, दैनिक गतिविधियों और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए दूसरों पर निर्भर हैं या अंधे या विकलांग, लंबे समय से कैद हैं और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 

इसके साथ ही 70 साल और उससे अधिक उम्र के पुरुष और 65 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं और एक तिहाई सजा काट चुकी हैं, उन्हें समय से पहले रिहा किया जा सकेगा।
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इस प्रस्ताव के तहत, उन कैदियों को भी रिहा किया जा सकता है जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं और 14 साल की कैद की सजा काट चुके हैं, लेकिन यह पिछले दो वर्षों में जेल में उनके आचरण पर आधारित होगा।

इसके अलावा, वे कैदी जो आजीवन कारावास के अलावा अन्य सजा काट रहे हैं, जिनकी जेल की अवधि का दो-तिहाई हिस्सा पूरा हो चुका है और पिछले दो वर्षों से आचरण संतोषजनक रहा है, उन्हें भी समय से पहले रिहा किया जा सकता है। साथ ही जिन कैदियों को अदालतों ने तीन महीने या उससे कम की अवधि के कारावास की सजा सुनाई है, उन्हें भी रिहा किया जा सकता है।

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