आपने सुना होगा कि राजनीति भाई-भाई तक को लड़वा देती है और राजस्थान
विधानसभा चुनाव में एक सीट पर ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
खेतड़ी सीट पर
दो भाई आमने-सामने चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार भाजपा ने इस सीट पर
धर्मपाल गुर्जर को टिकट दिया था। इस बार उनके बजाय चचेरे भाई दाताराम
गुर्जर को टिकट दे दिया।
आजकल इतना बड़ा दिल तो होता नहीं कि चोट न लगे।
अब धर्मपाल भाजपा से बगावत पर उतर आए हैं और चचेरे भाई के खिलाफ धर्मपाल
निर्दलीय के रूप में खड़े हो गए हैं।
पिता-पुत्र की जंग
राजस्थान विधानसभा चुनाव में कई रोचक मुकाबले चल रहे हैं। यहां कुम्भलगढ़ सीट पर प्रदेशवासियों को पिता-पुत्र के बीच चुनावी जंग देखने को मिलेगी।
पिता धीरज सिंह को बसपा ने प्रत्याशी बनाया है, तो उनके बेटे नेरेन्द्र सिंह ने निर्दलीय नामांकन भर दिया। अब दोनों आमने-सामने हैं और इससे उनके मिलनेवाले कन्फूजन में हैं।
किसे वोट दे और किसे नहीं? हालांकि चुनावी विश्लेषक जीत की कौड़ी को दोनों से ही दूर मान रहे हैं।