भागचंद टांकड़ा और रामविलास मीणा
- फोटो : अमर उजाला
दौसा में बांदीकुई विधानसभा से भागचंद टांकड़ा और लालसोट से रामविलास मीणा का टिकट बीजेपी ने फाइनल कर दिया है। इसके चलते दोनों ही प्रत्याशियों के खेमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। दोनों ही प्रत्याशियों के टिकट मिलने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
बता दें कि रामविलास डूंगरपुर-लालसोट विधानसभा से 2018 का विधानसभा चुनाव वर्तमान चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा के सामने बीजेपी के टिकट पर लड़ चुके हैं। रामविलास समाजसेवी के साथ-साथ व्यापारी भी हैं। पिछले कई साल से लालसोट में रहकर रामविलास मीणा बीजेपी से अपनी दावेदारी मजबूत किए बैठे थे। अब लालसोट से बीजेपी ने अपने पत्ते खोलते हुए रामविलास को अपना उम्मीदवार बनाया है। साल 2018 में रामविलास डूंगरपुर को 79,754 मत मिले थे और रामविलास लगभग 9,000 मतों से हार गए थे।
ऐसे में अभी लालसोट विधानसभा से कांग्रेस के उम्मीदवार की घोषणा होना बाकी है। हालांकि, मोटे तौर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी होने के चलते माना जा रहा है कि लालसोट विधानसभा से कांग्रेस का टिकट पर परसादी लाल मीणा को टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है। दौसा के बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार भागचंद टांकड़ा पिछला चुनाव यानी 2018 में बीएसपी के टिकट पर विधानसभा भी लड़ चुके हैं। उस समय कांग्रेस की लहर के चलते कांग्रेस प्रत्याशी गजराज खटाना ने बांदीकुई विधानसभा से अपनी जीत दर्ज की थी।
जबकि उसी चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी रामकिशोर सैनी दूसरे स्थान पर रहे और बीएसपी प्रत्याशी भागचंद टांकड़ा को करीब 45 हजार मत प्राप्त होने के चलते तीसरे स्थान पर रहे। टांकड़ा उस समय गजराज खटाना से लगभग 11,500 के आसपास मत कम मिले थे। टांकड़ा ने कुछ दिन पहले बीजेपी की सदस्यता ली है, उसे समय भागचंद ने कहा था कि बीजेपी में मेरी घर वापसी है।