राजस्थान विधानसभा चुनाव के शोर के बीच अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर में चुनाव के मुद्दों जानने और मतदाताओं के मन को टटोल रहा है। मंगलवार को हमारा कारवां जैसलमेर के रामगढ़ कस्बे में लोगों से चर्चा कर उनकी समस्याओं और मुद्दों को जानने की कोशिश की गई।
जमीन आवंटन सबसे बड़ी समस्या
गांव में रहने वाले आलम सिंह ने कहा कि अमर उजाला की एक मात्र संस्थान हैं जो इस चुनाव में यहां आया है। इससे पहले हमारी समस्याओं या परेशानियों को जानने के लिए कोई नहीं आया। उन्होंने कहा- पहले ये इलाका पशु पालकों से भरा हुआ था। लेकिन, नहर आने के बाद लोगों ने खेती करना शुरू किया है। सरकार की ओर से भी लोगों को खेती के लिए जमीन दी गई है। करीब 10-15 जिलों के लोग यहां खेती करने आते हैं। उन्होंने कहा करीब 15 साल यहां भाजपा का राज रह है। पिछले पांच साल से कांग्रेस के विधायक हैं।
पहले हमारे यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। लेकिन, अब कॉलेज खुल गए है, तहसील भी हो गई है। कई काम ऐसे हैं जो हुए हैं, लेकिन समस्याएं अब भी हैं। सबसे बड़ी समस्या हमारे यहां जमीन आवंटन को लेकर ही है। पिछली सरकार में भाजपा विधायक रहे छोटू सिंह ने 2015 में 650 लोगों के लिए जमीन आवंटन कराई थी, लेकिन 15-20 दिन बाद में उसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद हमारे आवेदन भी निरस्त कर दिए गए। इसके बाद जमीन आवंटन के लिए हम प्रयास कर रहे थे, लेकिन भूमिहीन लोगों को जमीन नहीं मिल सकी। अब वर्तमान विधायक रूपाराम मेघवाल ने आश्वासन दिया है कि अगर मैं दोबारा विधायक बना तो इसे जरूर कराऊंगा। हालांकि, रूपाराम मेघवाल ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में काफी काम कराया है।
पानी की समस्या दूर की
गांव में रहने वाले एक अन्य युवा ने कहा- हमारे यहां जिन डॉक्टरों को तैनात किया जाता था। वे ज्यादातर बाहर के रहने वाले थे। कुछ दिन बाद वे अपना तबादला कर चले जाते थे। ऐसे में हमें इलाज के लिए जोधपुर, जयपुर या अहमदाबाद जाना पड़ता था। लेकिन, यहां के विधायक रूपारामजी ने मेडिकल कॉलेज की सौगात दिलाई है। जिसका काम चल रहा है। हमारे गांव में उप तहसील थी, जिसे तहसील बनाया गया। इससे जिन कामों के लिए हमें 50- 60 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। वह अब आसानी से हो जाते हैं। कॉलेज खोले गए, स्कूल खोले गए जिससे पढ़ाई की समस्या दूर हो गई। नहर में पानी की समस्या भी दूर की गई है। इससे क्षेत्र में करोड़ों रुपये की फसल होती है।
सीएसआर फंड हमें मिले
सुलेमान खान ने कहा- यहां गैस का प्लांट है, बिजली का प्लांट है। इसका जो सीएसआर फंड है वह जिला लेवल पर चला जाता है। हमारी मांग है कि सीएसआर फंड का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा कार्यक्षेत्र के दिया जाना चाहिए, जिससे गांव का विकास हो सके। गहलोत सरकार की चिरंजीवी योजना लोगों के लिए काफी लाभदायक है।