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Rajasthan Election: धौलपुर में टिकट दावेदारों की तस्वीर लगभग साफ, यहां फिर हो सकती है जीजा-साली के बीच टक्कर

Wed, 27 Sep 2023 03:48 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर

सार

Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। वैसे ही उम्मीदवार और दावेदारों की तस्वीर भी साफ होती जा रही है। हालांकि, धौलपुर जिले की चार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार लगभग तय माने जा रहे हैं। एक या दो उम्मीदवारों को टिकट कटने का खतरा भी बढ़ रहा है। आरक्षित सीट बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र मौजूदा वक्त में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के प्रत्याशियों के लिए टिकट हासिल करने का सबसे बड़ा सियाशी अखाड़ा बन गया है।
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टिकट दावेदारों की तस्वीर लगभग साफ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धौलपुर में बाड़ी और राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायकों की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। भाजपा से बगावत कर पर्दे के पीछे कांग्रेस में शामिल हुई धौलपुर विधायक शोभा रानी कुशवाह भी कांग्रेस से दावेदारी कर रही हैं। वहीं, भाजपा में सबसे अधिक उम्मीदवारों की भरमार देखी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गुट निष्क्रिय हो चुका है। संगठन से लेकर पार्टी की किसी भी गतिविधियों में वसुंधरा समर्थकों की भूमिका देखी नहीं जा रही है।

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साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवार और दावेदारों की तस्वीर लगभग साफ होती जा रही है। कांग्रेस के विधायकों की स्थिति लगभग साफ देखी जा रही है। धौलपुर के चार विधानसभा क्षेत्र में राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से रोहित बोहरा एवं बाड़ी विधानसभा क्षेत्र से गिर्राज सिंह मलिंगा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी का माहौल है। इसके अलावा दलित समाज से कई नेता दावेदारी ठोक रहे हैं।

खिलाड़ी लाल बैरवा को टक्कर देने के लिए विधायक रोहित बोहरा गुट के एवं लोकसभा प्रत्याशी रहे संजय जाटव टिकट हासिल करने की एड़ी से चोटी तक की ताकत झोंक रहे हैं। दूसरे प्रत्याशी के तौर पर सबसे मजबूत दावेदार बद्री प्रसाद जाटव भी दावेदारों की लाइन में खड़े हैं। इनके अलावा कांग्रेस के नेता होतम जाटव एवं जगन्नाथ कोली भी टिकट की मांग कर रहे है। इन सभी प्रत्याशियों के बीच संजय जाटव एवं बद्री जाटव का पड़ला सबसे भारी माना जा रहा है।
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संजय जाटव, रोहित बोहरा एवं बद्री प्रसाद जाटव गिर्राज सिंह मलिंगा गुट के माने जाते हैं। वहीं, भाजपा में भी प्रत्याशियों की भरमार देखी जा रही है। पूर्व विधायक सुखराम कोली, पूर्व विधायक रानी सिलौटिया, उषा जाटव टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। रानी सिलौटिया को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुट का नेता माना जाता है। पूर्व में सुखराम कोली एवं उषा जाटव भी वसुंधरा गुट के रहे थे। लेकिन हालात परिस्थितियों को देखते हुए आलाकमान के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।

कांग्रेस में मलिंगा एवं बोहरा की दावेदारी सबसे मजबूत
कांग्रेस में बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा एवं राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। दोनों विधायकों के सामने प्रतिद्वंदी के तौर पर किसी ने आवेदन भी नहीं किया है। आलाकमान की तरफ से भी दोनों विधायकों को विधानसभा प्रत्याशी लगभग तय माना जा रहा है। राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की बात की जाए तो कई दावेदार देखे जा रहे हैं। लेकिन सबसे मजबूत दावेदारी नीरजा शर्मा, मध्यप्रदेश के आईपीएस पवन जैन एवं सावरेन सिंह सिकरवार की देखी जा रही है। इन सब प्रत्याशियों में नीरजा शर्मा का पक्ष सबसे भारी देखा जा रहा है। नीरजा शर्मा पूर्व मंत्री बनवारी लाल शर्मा की पुत्रवधू होने के साथ ब्राह्मण मतदाता राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में खासा दखल रखा है।

बाड़ी विधानसभा क्षेत्र में तीन बार हैट्रिक लगा चुके गिर्राज सिंह मलिंगा के सामने भाजपा को प्रत्याशी घोषित करने में कड़ी मशक्कत करनी होगी। बाड़ी से पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर, लाखन सिंह गुर्जर, पूरन सिंह गुर्जर, विष्णु सिंघल, प्रशांत परमार, रमेश कुशवाह टिकट हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है, जातिगत वोट बैंक एवं स्वच्छ छवि के नेता को भाजपा द्वारा टिकट दी जाएगी।

धौलपुर में फिर हो सकता है जीजा-साली का मुकाबला
धौलपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर अभी तक साफ नहीं हुई है। राज्यसभा चुनाव में भाजपा से बगावत कर कांग्रेस के प्रमोद तिवारी को वोट देकर पर्दे के पीछे से कांग्रेस में शामिल हुई वर्तमान विधायक शोभा रानी कुशवाहा की देवदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का शोभा रानी कुशवाह को सबसे करीबी माना जाता है। हालांकि, धौलपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष विनीत कुमार शर्मा, पूर्व पंचायत समिति प्रधान देवेंद्र प्रताप सिंह, धनेश जैन, शालिनी शर्मा प्रमुख रूप से दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन सबसे मजबूत पड़ला शोभा रानी कुशवाहा का माना जा रहा है।

भाजपा की बात की जाए तो शोभा रानी कुशवाहा के सगे जीजा डॉ शिव चरण कुशवाह सबसे मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे हैं। साल 2018 के चुनाव में शोभारानी कुशवाह एवं डॉ शिवचरण कुशवाह का सीधा मुकाबला हुआ था। लेकिन शोभारानी कुशवाह को क्रॉस वोटिंग के मामले में भाजपा ने निष्कासित कर दिया। वहीं, कांग्रेस में रहे डॉक्टर शिवचरण कुशवाह ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में डॉ शिवचरण कुशवाहा के अलावा विवेक सिंह बोहरा, पूर्व विधायक शिवराम कुशवाह, गोरेलाल कुशवाह, उमेदि लाल कुशवाह आदि दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन भाजपा में सबसे मजबूत पक्ष डॉ शिवचरण कुशवाहा का माना जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी रितेश शर्मा को पूर्व में ही धौलपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।

वसुंधरा गुट हांसिए पर
धौलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुट के कार्यकर्ता एवं नेता गौण बने हुए हैं। सतीश पूनिया के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही वसुंधरा समर्थक हांसिए पर आ गए थे। संगठन कार्यकारिणी में वसुंधरा समर्थकों को प्राथमिकता नहीं दी गई है। इसके अलावा संगठनात्मक बैठक एवं अन्य बैठकों में भी वसुंधरा समर्थकों को नहीं बुलाया जाता है। सियाशी तौर पर वसुंधरा समर्थक खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

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