Rajasthan Election 2023: बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके पूर्व मंत्री शैलेन्द्र जोशी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावती संकेत दे दिए। उन्होंने अपनी ही पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि कांग्रेस की कथनी और करनी फर्क है।
दौसा जिलेभर में कांग्रेस के पांचों विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। पांच में से तीन सीट यहां जनरल उम्मीदवार के लिए हैं तथा दो और रिजर्व कैटेगरी की सीटें हैं। बांदीकुई सीट भी जिले की सामान्य विधानसभा सीट है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने पांच में से तीन सामान्य सीटों पर सामान्य जाति के लोगों को अनदेखा करते हुए दूसरे समाज के उम्मीदवारों को टिकट दे दिया, जिसके चलते अब पूर्व कांग्रेसी मंत्री और वर्तमान कांग्रेस के नेता शैलेंद्र जोशी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
तो फिर मैराथन दौड़ क्यों करवाई गई?
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से कर रहे बात
जोशी ने कहा कि हम कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से बात कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि रिओपन होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जिले दौसा जिले की सामान्य बांदीकुई, दौसा और महुवा सीट प्रभावित होगी। जोशी का दावा है कि दौसा जिले में 3 लाख से ज्यादा सामान्य वर्ग के मतदाता हैं।
2018 फिर से कांग्रेस किया था ज्वॉइन
शैलेन्द्र जोशी बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1993 व 1998 में लगातार दो बाद कांग्रेस के सिम्बल पर चुनाव जीते थे। वर्ष 2003 में उन्हें बसपा प्रत्याशी मुरारीलाल मीना ने हार का रास्ता दिखाया था। उसके बाद जोशी ने 2008 में भाजपा के टिकट पर व 2013 में राजपा से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार चुनाव हार गए। फिर साल 2018 फिर से कांग्रेस में लौट आए ।
बार-बार नाटक क्यों किया गया
पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी ने एआईसीसी के दिल्ली कार्यालय पर कराया विरोध दर्ज करवाते हुए कहा कि सर्वे के नाम पर बार-बार नाटक क्यों किया गया। अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस के कार्यालय पहुंचे जोशी की बात को अब पार्टी में कितना सुना जाएगा या फिर नहीं यह सब आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन जोशी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।