साल 1994 में गजन गुर्जर के जीजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसका बदला लेने के लिए उसने अपने चार भाइयों के साथ गैंग बनाई और फिर शुरू हो गया उसके डाकू बनने का सफर...। 20 साल धौलपुर जिले के डांग और चंबल के बीहड़ों में रहकर उसने डकैती का साम्राज्य खड़ा किया और अपने गिरोह को बढ़ाया। इस दौरान उसने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कई संगीन वारदात को अंजाम दिया। डकैत गुर्जर के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, डकैती और लूट जैसे संगीग अपराध के 123 से ज्यादा केस दर्ज हैं। कहा जाता है कि डकैत गुर्जर को कभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई, हर बार उसने आत्मसमर्पण ही किया है।
तत्कालीन सीएम का महल जलाने की दी थी धमकी
2008 में गुर्जर आंदोलन के दौरान डकैत जगन गुर्जर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के महल को जला देने की धमकी दे दी थी। इसके बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 12 लाख रुपए के इनाम की घोषणा कर दी। पुलिस का दबाव बढ़ा तो उसने 2009 में सरेंडर किया।
डकैत के सभी भाई अपराधी
डकैत जगन गुर्जर बसई डांग का रहने वाला है। उसने तीन शादियां की है। उसके भाई लाल सिंह गुर्जर, पान सिंह और पप्पू गुर्जर सभी अपराधी हैं। पप्पू गुर्जर धौलपुर की जेल में बंद हैं। पान सिंह गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है, लेकिन वह पैरोल पर बाहर बताया जा रहा है। लाल सिंह गुर्जर पर भी कई संगीन मामले दर्ज हैं।
पत्नी को चुनाव में उतारा
2017 में डाकू जगन ने अपनी पत्नी को निर्दलीय चुनाव में उतारा, लेकिन यहां उसकी छवि आड़े आ गई। लोग उस पर भरोसा नहीं कर पाए और चुनाव में उसे मुंह की खानी पड़ी। चुनाव हारने के बाद एक बार फिर उसने आत्मसमर्पण कर दिया।
महिला को निर्वस्त्र घुमाया
2019 में डकैत जगन धौलपुर के सायपुर गांव में मुखबिर के पहुंचा। उसके नहीं मिलने पर उसने घर की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया। इस घटना के बाद पुलिस एक बार फिर सक्रिय हुई तो उसने उसी साल फिर सरेंडर कर दिया।
विधायक मलिंगा को दी धमकी
जमानत पर बाहर आए डकैत जगन ने 22 जनवरी 2022 को कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा में वीडियो वायरल कर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद से पुलिस की कई टीमें उसे तलाश कर रहीं थी। गिरफ्तारी के लिए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। सोमवार को करौली पुलिस ने डकैत जगन को जंगल में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। कहा जा रहा है कि पुलिस का दबाव बढ़ने पर उसने एक बार फिर सरेंडर किया था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तारी बताया है।