दौसा कोतवाली थाना पुलिस ने बीते महीने छह दिसंबर को लालसोट बाइपास सिंगवाड़ा पुलिया के पास हुए एक्सीडेंट की घटना का खुलासा करते हुए हत्या के प्रयास के आरोप में ढीगारिया थाना लवाण निवासी मदन लाल गुर्जर (42), कोटा पट्टी थाना लवाण निवासी नंदकिशोर उर्फ नंदू मीणा (25) और राजाहेड़ा थाना सदर निवासी सुनील कुमार गुर्जर (22) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त ईऑन कार बरामद कर ली गई है।
एसपी संजीव नैन ने बताया, पीड़ित सीताराम शर्मा ने थाना कोतवाली में एक रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि छह दिसंबर को एक अज्ञात कॉलर ने उसे मकान में लाइट फिटिंग के काम के लिए बुलाया था। लालसोट बाइपास सिंगवाड़ा पुलिया के पास बिना नंबर की एक सफेद कार ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह गिर गया। वापस बैक लेकर कार चालक ने टक्कर मारने का प्रयास किया तो वह नाले में कूद गया।
रिपोर्ट पर मुकदमा दर्जकर एसएचओ हरफूल मीणा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। गठित टीम ने सोमवार को तकनीकी संसाधनों और मुखबिर की सूचना पर घटना का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों सुनील कुमार गुर्जर, नंदकिशोर उर्फ नंदू मीणा और मदनलाल गुर्जर को गिरफ्तार किया है।
चुनावी रंजिश के चलते हुई घटना...
ग्राम पंचायत ढीगारिया में हुए सरपंच के चुनाव में अभियुक्त मदनलाल गुर्जर सरपंच प्रत्याशी था। चुनाव प्रचार के दौरान पंडित सीताराम शर्मा की ओर से मदनलाल के प्रतिद्वंदी घासीराम का प्रचार किया था। घासीराम उस चुनाव में जीत गया। तब से मदनलाल रंजिश पाले हत्या के लिए मौके की तलाश में था।
50 हजार रुपये की दी थी सुपारी...
चुनाव में हार के बाद कुछ महीने पहले मदनलाल के भतीजे मुकेश गुर्जर के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। मदनलाल को शक भी सीताराम पर था, इसके बाद मदनलाल गुर्जर, भतीजे मुकेश गुर्जर और अन्य ने सीताराम की हत्या की सुपारी नंदकिशोर मीणा को दे दी।
लूटे गए मोबाइल से कॉल कर बुलाया...
नंदकिशोर ने अपने साथी सुनील गुर्जर और सुभाष गुर्जर को वारदात के लिए तैयार किया। जिन्होंने चार दिसंबर को घटना को गोपनीय रखने के लिए खुरी बापी रोड से एक राहगीर का मोबाइल बात करने के लिए लेकर फरार हो गए। उसी मोबाइल से पीड़ित को कॉल कर घटनास्थल पर बुलाया गया था।