विधायक ने मदन प्रजापत ने कहा कि चुनाव के समय मैंने जनता से बालोतरा को जिला बनाने का वादा किया था। इसके बाद से लगातार मांग को लेकर पैरवी कर रहा हूं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट सत्र के दौरान बालोतरा को जिला बनाने की घोषणा नहीं की। इससे नाराज कांग्रेस विधायक मदन प्रजापत ने विधानसभा के गेट संख्या छह के पास जूते उतार दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह अपने प्रण पर अड़े हैं, जब तक बालोतरा को जिला नहीं बनाया जाता जूते नहीं पहनूंगा। कांग्रेस विधायक का इस तरह का विरोध अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
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दरअसल, विधानसभा के बजट सत्र में विधायक ने कहा था कि बालोतरा को जिला नहीं बनाया गया तो वे जीवनभर नंगे पांव रहेंगे। उन्होंने कहा था कि 40 साल इंतजार कर लिया, अब और नहीं होता है। मुझे कोई पद नहीं चाहिए, न मेरी कोई और मांग है, बस बालोतरा को जिला बनाया जाए। उन्होंने प्रण लेते हुए कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कभी प्रश्न नहीं उठाऊंगा और न ही जीवन में कभी जूते पहनूंगा।
मुख्यमंत्री ने मांग नहीं की पूरी
विधायक ने कहा कि चुनाव के समय मैंने जनता से बालोतरा को जिला बनाने का वादा किया था। विधायक बनने के बाद से लगातार मामले की पैरवी कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि सीएम अशोक गहलोत ने भी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
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बाड़मेर का सबसे बड़ा ब्लॉक है बालोतरा
बालोतरा को जिला बनाने की मांग चार दशक पुरानी है। हर बार चुनाव के समय राजनीतिक पार्टियां और प्रत्याशी इसका वादा करते आए हैं, लेकिन किसी ने अपना वादा पूरा नहीं किया। करीब 28 हजार वर्ग किमी में फैले बाड़मेर में बालोतरा सबसे बड़ा ब्लॉक है। यह जिला मुख्यालय से 100 किमी दूर है। ऐसे में यहां के लोगों को अपने काम कराने में बड़ी परेशानी होती है। यहां जिला परिवहन कार्यालय, एडीएम कार्यालय, इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी है। बाड़मेर का जिला सत्र न्यायालय कार्यालय भी बालोतरा में है, सिफ जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को का कार्यालय यहां नहीं है।