आपने सामान्य रूप से बैंगन का दो से ढाई फीट तक का पौधा देखा होगा। वहीं, बूंदी जिले के हिंडौली के एक ग्राम में किसान के घर में 17 फीट लंबा बैंगन का पेड़ है, जिसमें एक किलो वजन के बैंगन आ रहे हैं। बैंगन को तोड़ने के लिए सीढ़ी लगानी पड़ती है। किसान के घर में 17 फीट लंबा बैंगन का पेड़ ग्रामीणों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है, जिसे देखने के लिए किसान के घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
बता दें कि बूंदी में उपखंड के ग्राम देवजी का थाना में एक किसान ने ढाई साल पहले हाइब्रिड बीज से एक बैंगन का पौधा लगाया, जिसकी ऊंचाई आज 17 फीट हो गई है। इसमें हमेशा बैंगन आते हैं। इसे देखकर कृषि विभाग के वैज्ञानिक भी अचरज में हैं तथा इस पर शोध करने की बात कह रहे हैं।
देवजी का थाना निवासी किसान प्रकाश बैरवा ने बताया, ढाई साल पहले एक मित्र के कहने पर मैंने हाइब्रिड बीज से एक बैंगन का पौधा घर पर लगाया था। जो आज विकसित होते हुए एक पेड़ बन गया है, जिसकी ऊंचाई लगभग 17 फीट है। पौधे से बैंगन तोड़ने के लिए सीढ़ी का उपयोग करना पड़ता है। किसान प्रकाश का कहना है, उसने घर के बीज तैयार कर पौधे लगाए थे। लेकिन उसे भी पता नहीं था कि यह हाइब्रिड बीज दो साल में पेड़ का आकार लेगा। पेड़ से एक किलो से भी अधिक वजन के बैंगन आ सकते हैं। लेकिन अधिक वजन होने के कारण पेड़ टूटने का खतरा रहता है।
किसान प्रकाश का कहना है कि उसने अब तक बैंगन के पेड़ से पांच सौ रुपये से अधिक के बैंगन बेच दिए हैं। गांव के लोगों को 17 फीट लंबाई के बैंगन के पौधे की जानकारी लगी तो उसके घर में देखने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। लोगों में बैंगन का 17 फीट लंबा पेड़ कौतूहल का विषय बना हुआ है। वहीं, बैंगन के पेड़ को देखकर कृषि अधिकारी भी दंग हैं। कृषि अधिकारियों ने इस पर शोध कराने की बात कही है।
सहायक कृषि अधिकारी बड़ा नयागांव बाबूलाल मीणा ने बताया, साधारण तौर पर बैंगन का पौधा दो से तीन फीट तक लंबाई लेता है। लेकिन 17 फीट का होना आश्चर्य की बात है। यह कोई हाइब्रिड बीज है, जो इस प्रकार के बीज लंबे पौधे का आकार लेते हैं। इस पौधे का निरीक्षण किया जाएगा।