प्रभावितों को फूड पैकेट्स बांटे
- फोटो : अमर उजाला
'नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे, त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्। महामंगले पुण्यभूमे त्वदर्थे, पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते' उद्घोष के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी राजस्थान में बिपरजॉय चक्रवात के कारण बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लोगों को मदद पहुंचाने के लिए मैदान में उतर आए हैं। पाली, सिरोही, बाड़मेर और राजसमंद जिले में आरएसएस स्वयंसेवक पानी से घिरे लोगों की मदद कर रहे हैं। भोजन, पानी और शरण व्यवस्था करवाई जा रही है।
राजसमंद के कुम्भलगढ़ क्षेत्र में भारी बारिश के चलते क्षेत्र की गोमती नदी के उफान पर आने से राजसमंद झील के पास तासोल ग्राम पंचायत के छापरखेड़ी गांव के घरों में पानी चला गया और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति बन गई है। ऐसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवक और कार्यकर्ता की मदद को आगे आ गए हैं।
RSS स्वयंसेवकों ने खुद भोजन तैयार कर प्रभावित लोगों तक पहुंचाया...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भोजन तैयार करवाने और फूड पैकेट्स प्रभावितों तक पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। रविवार रात में निचले इलाके के घरों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया। लोगों को छतों पर रात गुजारनी पड़ी। प्रशासन ने जब समाज और सक्षम लोगों, संगठनों से सहयोग की अपेक्षा की तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने मौके पर पहुंचकर सहयोग किया। घरों में फंसे परिवारों तक सोमवार को भी सुबह अल्पाहार में बिस्किट पहुंचाए। इसके बाद में स्वयंसेवकों ने खुद ही हाथों-हाथ भोजन के पैकेट तैयार किए और प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाया।
संघ ने दिए स्वयंसेवकों को प्रभावितों की सहायता के निर्देश...
संघ सूत्रों के मुताबिक, चक्रवात के कारण जिन ज़िलों के इलाकों में पानी भरा है। बांध टूट गए हैं या नदियां उफान पर हैं और लोग फंसे हुए हैं। वहां संघ के स्वयंसेवक लगातार लोगों की सहायता पहुंचा रहे हैं। इसके लिए प्रभावित प्रान्त और जिला इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं। बाड़मेर, पाली, सिरोही में भी सहयोग का कार्य किया जा रहा है।