बाड़मेर में चौहटन कस्बे के उप जिला अस्पताल में एकाएक स्नेक बाइट यानी सर्पदंश के 19 मामले सामने आने से चिकित्सा महकमे में अफरा-तफरी मच गई। रविवार रात आठ से नौ बजे के बीच उप जिला अस्पताल चौहटन में सर्पदंश के लगातार 19 पीड़ित पहुंचे, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
सभी मरीजों की जांच के बाद उनमें जहर का अधिक प्रभाव नहीं होने की स्थिति में स्थानीय अस्पताल में ही इलाज शुरू कर दिया गया। अचानक स्नेक बाइट के मामले बढ़ने के चलते ग्रामीण इलाके के लोगों में दहशत का माहौल फैल गया है। अत्यधिक बारिश और सांपों के बिलों में पानी भरने के चलते सांप बाहर निकल आए हैं। पानी में बहकर सांप इधर-उधर बलखाते रेंग रहे हैं। ऐसे में मेंढक, छिपकली, चूहों और गिलहरियों का शिकार करने के साथ अन्य पक्षियों के घोंसलों में सांप घुस रहे हैं। लेकिन चिंताजनक यह है कि सांप घरों में भी बारिश से बचने के लिए घुस रहे हैं और खेतों में भी यहां-वहां खुले में घूम रहे हैं। प्राकृतिक आपदा से डरे हुए सांप लोगों को काटने-डसने से नहीं चूक रहे।
बताया जा रहा है, शुक्रवार से रविवार तक हुई अत्यधिक बरसात के बाद बढ़ी उमस और नमी के कारण सांप बिलों से बाहर निकल रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि सभी 19 मरीजों की तत्काल जांच करवाकर उपचार शुरू कर दिया गया है। समय पर उपचार मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में मरीजों में सामान्य पॉइजन पाया गया है और पीड़ित मरीजों की स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है। इसकी यह भी कारण बताया जा रहा है कि पानी में बहते रहने से रेगिस्तानी सांपों का जहर शायद कम हो गया है।
इन इलाकों से आए मरीज...
जानकारी के अनुसार, चाडार, धारासर, नवातला जेतमाल, खारिया राठोडान, गंगाला, उपरला, सनाऊ, सादुल की गफन और कापराऊ गांवों से सर्पदंश के केस सामने आए हैं। मरीजों के साथ आए परिजनों ने अलग-अलग जानकारी देते हुए बताया कि खेत में काम करके लौटने, खेत में तवी लगाने, जुताई करवाने, घर में इधर-उधर काम करने और पशुओं की देखभाल, चारा-पानी कराने के दौरान सांपों ने डस लिया।