राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के लिए चुनावी मैदान में कुल 189 महिलाएं ताल ठोक रही हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 27 महिलाएं कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 23 महिलाओं को टिकट दी है। इस बार के चुनावी समर में महिला उम्मीदवारों की संख्या 2013 में हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में 23 ज्यादा है।
नामांकन वापस लेने की अवधि गुरुवार को खत्म हो गयी और उसके बाद चुनावी उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गयी है। राज्य की 200 विधानसभा सीटों के लिए सात दिसंबर को मतदान होना है।
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस विधानसभा चुनाव के लिए कुल 281 महिलाओं ने नामांकन दाखिल किए। जांच के बाद यह संख्या 238 बची जिनमें से 49 उम्मीदवारों ने बीते दो दिन में अपने नाम वापस ले लिए। इसके बाद चुनावी मैदान में डटी महिला उम्मीदवारों की संख्या 189 बची है।
उल्लेखनीय है कि 2013 में कुल 166 व 2008 के विधानसभा चुनाव में 154 महिला उम्मीदवारों ने अपनी राजनीतिक भाग्य आजमाया था। जहां तक जीत का सवाल है तो 2008 व 2013 दोनों की वर्ष 28-28 महिला उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंची।
इस बार राज्य की 200 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2,294 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 2,105 पुरुष व 189 महिलाएं हैं।
जहां तक प्रमुख राजनीतिक दलों का सवाल है तो कांग्रेस ने 27 महिलाओं को अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि भाजपा ने 23 महिलाओं को टिकट दी है। कांग्रेस की कुछ प्रमुख महिला उम्मीदवारों में गिरिजा व्यास, जाहिदा खान, कृष्णा पूनिया, इंदिरा मीणा व दिव्या मदेरणा शामिल है। वहीं भाजपा की महिला उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ साथ सिद्धि कुमारी, कृष्णेंद्र कौर, किरण महेश्वरी शामिल है। (इनपुट:भाषा)