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सरकारी नौकरी में हेराफेरी करने वालों का भंडाफोड़

Wed, 24 Apr 2013 03:49 PM IST
अजमेर/जयपुर/इंटरनेट डेस्क
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अजमेर कोर्ट में लिपिक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराने के मामले का खुलासा हुआ।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दो अधिवक्ताओं और दो कोर्ट लिपिक सहित पांच लोगों के घर और कार्यालय पर छापा मारकर इसका खुलासा किया।

एसीबी को छापों में करीब साढ़े 17 लाख रुपए और भर्ती से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।

मामले में ब्यूरो ने नसीराबाद कोर्ट के लिपिक राजेश शर्मा, अजमेर कोर्ट में कार्यरत उसके भाई हितेष शर्मा, केकड़ी के अधिवक्ता हेमराज कानावत और सरवाड़ निवासी अब्दुल रज्जाक को हिरासत में लिया है।

एक अन्य आरोपी अजमेर निवासी वकील भगवान सिंह चौहान एसीबी की पकड़ में नहीं आया।

एसीबी को अजमेर में वकील चौहान के सिविल लाइंस स्थित घर और कार्यालय से 80 हजार रुपए और कागजात मिले। हेमराज के केकड़ी स्थित घर से 1,80,000 रुपए और रज्जाक के सरवाड़ स्थित घर से 87,600 रूपए बरामद हुए।
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साथ ही लिपिक राजेश शर्मा व उसके भाई हितेष शर्मा के सिविल लाइंस स्थित घर से 14 लाख रुपए बरामद किए गए हैं।

एसीबी को लिपिक राजेश शर्मा और एडवोकेट हेमराज के घर की तलाशी में अभ्यार्थियों के नाम एवं रोल नंबर लिखी पर्चियां मिली हैं। इन पर सही व क्रॉस के निशान लगे हैं।

एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि संभवत: अभ्यार्थियों से दो से तीन लाख रुपए तक वसूले गए हैं। ब्यूरो मामले में पूछताछ कर रहा है। उसे आगे कई और बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है।

ऐसे हुआ खुलासा
एसीबी को इस बारे में शिकायतें मिली थी कि भर्ती परीक्षा में व्यापक स्तर पर लेन-देन हो रहा है।

छापे से पहले एसीबी की जांच में सामने आया कि दोनों वकील, और दोनों भाइयों द्वारा लेन-देन हो रहा है। तब एसीबी अजमेर, भीलवाड़ा और जयपुर की टीम गठित कर मंगलवार को छापे की कार्रवाई की गई।

हाईकोर्ट के अधीन मामला
अजमेर न्याय क्षेत्र में एलडीसी के 47, आशुलिपिक के 8 पदों के लिए 10 जनवरी 2013 को विज्ञप्ति जारी कर आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके 24 फरवरी को लिखित परीक्षा हुई।
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कंप्यूटर टेस्ट 14 अप्रेल को हुआ। यह परीक्षा जिला एवं सत्र न्यायालय की ओर से आयोजित करवाई गई थी। भर्ती में विवाद के बाद पूरी प्रक्रिया यहीं रोक दी गई है। अब भर्ती प्रक्रिया उच्च न्यायालय के अधीन निष्पादित की जाएगी।

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