केंद्रीय हज कमेटी ने गर्भवती महिलाओं को हज पर नहीं जाने की हदायत दी है, जिससे राजस्थान की महिला अकीदतमंद परेशान हैं।
कमेटी से जारी दिशा निर्देश में गर्भवती महिलाओं के लिए कहा गया है कि वे हज पर सुरक्षा के लिहाज से नहीं जाएं।
पिछली बार राजस्थान से हज यात्रा पर गई दो महिला अकीदतमंदों के प्रसव मक्का-मदीना में ही हो गए थे। ऐसे में इस बार राजस्थान हज कमेटी भी किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती।
कमेटी की ओर से हज फार्म न भरने की सलाह पर गर्भवती महिलाओं में नाराजगी व निराशा है। राजस्थान में बरती जा रही सावचेती पर मुस्लिम समाज की महिलाओं का कहना है कि ये हिदायत थोड़ी अटपटी है।
दिशानिर्देशों में उन्हीं महिलाओं का जिक्र होना चाहिए था, जिनके प्रसव नजदीक हैं।
राजस्थान हज कमेटी की ओर से हज पर जाने के लिए इच्छुक अकीदतमंदों के फॉर्म 20 जनवरी से भरेंगे। पिछली बार करीब 12,000 फॉर्म भरे गए थे। इनमें से 5,107 हजयात्रियों को इस पवित्र सफर पर जाने का मौका मिला।
राजस्थान हज कमेटी के मुख्य प्रशिक्षक हाजी शाहिद मोहम्मद के अनुसार मक्का-मदीना में 50 लाख की भीड़ होती है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं को जोखिम नहीं उठाना चाहिए।
यह दिशानिर्देश गर्भवती महिलाओं के हित में ही हैं। इतनी भीड़ में ऐसी महिलाओं को जान का खतरा बना रहता है। पिछली बार दो महिलाओं के वहां प्रसव होने से इस बार यह सलाह दी गई है।