Nagore: डीडवाना कुचामन जिले के नावां शहर में इन दिनों नमक का काला कारोबार देश के अन्य शहरों में फैलाने का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसी प्रकार नावां में नमक में लाल रंग व अन्य प्रदार्थ मिला कर कम लागत के माल को किसानों को कर्षि उर्वरा ,पोटाश बना कर बेचने का काला सच सामने आया है।
नावां के एक नमक प्लांट द्वारा नमक को पोटाश बना कर छतीसगढ़ में किसानों को बेचने का मामला सामने आया है। जिसमें किसानों द्वारा राजस्थान से बने पोटाश को खेती में काम मे लेने पर पूरी खेती ही जल कर नष्ट हो गई। मामले में छतीसगढ़ के खंजूर शहर के किसानों ने नकली उर्वरा प्रदार्थ से खेती नष्ट होने पर विरोध प्रदर्शन व धरने प्रदर्शन किए और वहां मामला गहरा जाने पर वहां की विधानसभा में प्रश्न भी उठाया गया मामले की गम्भीरता को लेकर छतीसगढ़ सरकार के कृषि मंत्री द्वारा छतीसगढ़ पुलिस महानिदेशक को विशेष टीम बना कर कार्रवाई के आदेश दिए।
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इस मामले में खंजुर के कर्षि विकाश अधिकारी द्वारा पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कार्रवाई गई। मामला जुलाई 2024 में दर्ज हुआ, जिसमें कर्षि अधिकारी द्वारा नकली उर्वरा पर संदेह होने पर एक ट्रक को जब्त कर उर्वरा की जांच करवाई गई। जिसमें उर्वरा नकली पाई गई। मामले में पुलिस ने अनुसंधान करते हुए आज नावां में 3 नमक व्यापारियों को जिन्होंने नमक से नकली उर्वरा बना के बेची जिन्हें गिरफ्तार किया व एक ट्रांसपोटर्स को भी गिरफ्तार करने की कार्रवाई की गई है।
चारों आरोपियों को नावां न्यायालय में पेश कर ट्रांजिस्ट रिमांड पर लिया गया एवं नमक से नकली उर्वरा बनाने वाले प्लांट को भी सीज करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान छतीसगढ़ पुलिस के सहायक थानाधिकारी खंजुर रामचन्द्र साहू के नेतृत्व में आई टीम ने नावाँ के नमक व्यापारी विनोद जैन, विनय जैन, उपकार जैन, ट्रांसपोर्टर दौलतसिंह को गिरफ्तार किया है।