पेपर लीक मामले में राजस्थान एसओजी को एक और सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक में आरोपी सरकारी स्कूल के वॉइस प्रिंसिपल अनिल उर्फ शेरसिंह मीणा को एसओजी ने गिरफ्तार किया है। वांटेड मीणा पर एक लाख रुपये का इनाम था। दावा किया जा रहा है कि आरोपी से कई खुलासे हुए हैं।
छिपने के लिए बदला भेष
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप राजस्थान ने बताया आरोपी शेरसिंह ने ओडिशा के कालाहांडी जिले के भवानीपट्टनम गांव में एक स्कूल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम कर रहा था। उसने छिपने के लिए मजदूरों की तरह फटे मैले कपड़े पहन रखे थे। दाढ़ी-मूंछे बढ़ाकर राजस्थानी मजदूर बनकर रह रहा था। एक करोड़ रुपये में पेपर बचने वाले आरोपी को इस तरह मजदूरी करते देख एक बार तो एसओजी टीम भी धोखा खा गई।
एसपी विकास सांगवान और इंस्पेक्टर मोहन पोसवाल की टीम ओडिशा के भवानीपट्टनम गांव पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया। गुरुवार सुबह ओडिशा से फ्लाइट के जरिए दिल्ली लाया गया। पुलिस के अनुसार अब आरोपी शेरसिंह के कॉल डिटेल और लोकेशन का एनालिसिस किया जाएगा, ताकि और कौन-कौन इसमें शामिल हैं उनका भी खुलासा किया जा सके।
अब सुरेश ढाका की तलाश
बता दें कि आरोपी शेरसिंह ने ही पेपर लीक के सरगना भूपेंद्र सारण को एक करोड़ रुपये में पेपर बेचा था। मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण के पकड़े जाने के बाद पहली बार शेरसिंह के नाम का खुलासा हुआ। वहीं पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी भी पेपर लीक का मास्टरमाइंड सुरेश ढाका की तलाश है। वो अभी भी फरार चल रहा है।