राजस्थान में कड़ाके की सर्दी में कोई निर्दयी नवजात को झाड़ियों में फेंक गया। नवजात की रोने की आवाज सुनकर टहलने निकले चार दोस्तों ने नवजात की जान बचाई। कंटीली झाड़ियों के बीच मासूम एक पैकेट में पड़ी थी। जिसके बाद बड़ी मुश्किल से बच्ची को निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बाड़मेर के बालोतरा शहर में चार दोस्त मुकेश कुमार, मांगीलाल, प्रकाश कुमार, राजू कुमार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले। तभी रेलवे स्टेशन से गुजरते समय नवजात के रोने की आवाज आई थी। मुकेश ने बताया कि हमने इधर उधर ढूंढा। बबूल की झाड़ियों के बीच एक पैकेट पड़ा था। उसे खोला तो उसमें से पुराने कपड़ों और शॉल में लिपटी बच्ची निकली।
दोस्तों का कहना है कि हम समय पर नहीं पहुंचते तो मासूम को कुत्ते और सुअर खा जाते। हम बच्ची को लेकर सड़क पर आए तो लोग कहने लगे फेंक दे वरना फंस जाएगा। हम बच्ची को राजकीय नाहटा हॉस्पिटल ले गए। वहां पर भर्ती करवा दिया।
वहीं अस्पताल में नवजात को भर्ती करवाया गया। डॉक्टर ने बताया कि नवजात का शरीर काफी ठंडा था। फिलहाल उसकी तबीयत ठीक है। वार्मर में रखा गया है। मासूम का जन्म 10-15 घंटे पहले ही हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।