बदमाश को पकड़ने के लिए पहुंची थी पुलिस।
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नीमकाथाना में एक बदमाश ने खुद को पुलिस से घिरा देखकर अपने आप को गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक आरोपी पहाड़ियों में छिपा हुआ था। जब पुलिस की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया, तो बदमाश ने अपनी कनपटी पर पिस्टल रखकर फायर कर दिया। 3 थानों की पुलिस ने आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया था। पकड़े जाने, परिवार की बदनामी, पिटाई और जेल सजा के डर से उसने सुसाइड कर लिया।
रविवार को खेतड़ी के सहड़ गांव में दो बदमाश प्रदीप उर्फ कालू, धर्मेंद्र उर्फ मोटिया यादव ने 'एक ज्वेलर से 30 लाख रुपए रंगदारी मांगते हुए धमकी दी थी। जिसे अनसुना करने पर आरोपियों ने बाइक पर आकर उसकी दुकान पर आकर गोली मार दी थी। वारदात के बाद दोनों बदमाश फरार हो गए थे। ये दोनों बदमाश सुनार के गांव के ही रहने वाले थे, जिन्हें ग्रामीणों ने पहचान लिया था। करीब 3 घंटे के ऑपरेशन में रात 10 बजे एक बदमाश धर्मेंद्र उर्फ मोटिया यादव पकड़ा गया, लेकिन मुख्य आरोपी प्रदीप अंधेरे में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। पहाड़ी एरिया होने की वजह से पुलिस को भी सर्च में काफी दिक्कतें आई।
3 थानों की पुलिस कर रही थी तलाश
फायरिंग की घटना के बाद एसपी श्याम सिंह ने सिंघाना, पचेरीकलां, बुहाना थानों की पुलिस टीम को इन दोनों बदमशों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। पुलिस को करीब 26 घंटे बाद सोमवार शाम 7 बजे इन बदमाशों की लोकेशन नालपुर क्षेत्र में मिली। जिस पर 3 थानों की पुलिस फोर्स लोकेशन पर पहुंची और घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
डाडा फतेहपुरा पहाड़ियों में छिपा था प्रदीप
स्वतंत्रता दिवस पर मंगलवार दोपहर 12 बजे प्रदीप के डाडा फतेहपुरा की पहाड़ियों में होने की सूचना पुलिस को मिली। जिस पर पुलिस ने पूरे पहाड़ी क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू की तो आरोपी ने अपने आप को पुलिस से चारों ओर से घिरा देखकर कनपटी पर गोली मार ली। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है। उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए जाएगा।