नागौर से इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल के समर्थन में पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और हनुमान बेनीवाल को किसानों की लड़ाई लड़ने वाला नेता बताया। पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि आज कांग्रेस व आरएलपी एक मंच से बात कर रही है। इंडिया गठबंधन मजबूत गठबंधन है।
राजस्थान में हमने आरअलपी, सीपीएम व बाप पार्टी से गठबंधन किया है। इसका असर देखने को मिल रहा है। बीजेपी 25 सीटों का सपना देख रही है। आपका उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल आप के घर का है, जुझारू व दबंग नेता है। किसानों के लिए मर मिटने वाला नेता है। उन्होंने भाजपा की स्थिति देख ली, पूरे देश को चिंता है कि देश में लोकतंत्र बचेगा या नहीं। ईडी, सीबीआई के माध्यम से लूट मचा रखी है। इलेक्ट्रॉल बॉड को दुनियां का सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री सफाई दे रहे हैं।
भाजपा का कांग्रेसीकरण किया जा रहा है। स्थिति बड़ी नाजुक है। देश दुनियां में बदनाम हो रहा है, दो दो मुख्यमंत्री जेल में हैं। अमेरिका, जर्मनी को कहना पड़ा कि क्या हो रहा है। कांग्रेस के 12 खाते बंद कर दिए। इनकम टैक्स ने और पैसे निकाल लिये। संयुक्त राष्ट्र को बोलना पड़ा, राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस के खाते ही बंद कर दिये। ये बातें सोचकर हनुमान बेनीवाल ने एनडीए गठबंधन को छोड़ा और इंडिया गठबंधन से जुड़े।
सत्यानाशी का फूल
गहलोत ने बीजेपी की प्रत्याशी ज्योति मिर्धा पर भी जमकर निशाना साधा। गहलोत ने कहा कि पता नहीं ज्योति मिर्धा बीजेपी में क्यूं गईं। पूरा परिवार ही भाजपा में चला गया। नाथूराम मिर्धा बीजेपी को सत्यानाशी का फूल कहते थे। उस पार्टी में जाने का तुक क्या था। कौन सा दबाव था। इतना मान सम्मान था कांग्रेस में, अब सबक सिखाओ उनको। जब कांग्रेस के अच्छे दिन आएंगे तो जो लोग गये हैं वो वापस आने के लिए लाइन लगाएंगे। गहलोत ने बीजेपी प्रत्याशी ज्योति मिर्धा पर निशाना साधते हुए कहा कि नाथू बाबा की पौती उनकी आत्मा को कष्ट पहुंचा रही है। नाथू बाबा की आत्मा को कष्ट है कि उनकी पौती ने क्या कबाड़ा कर दिया।
सभा में नहीं रहे प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल
इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल इस सभा में मौजूद नहीं रहे, क्योंकि जिस समय अशोक गहलोत नागौर में सभा कर रहे थे, उसी समय हनुमान बेनीवाल परबतसर के गांवों में जनसंपर्क कर रहे थे। परबतसर विधानसभा क्षेत्र के कई गांव ऐसे थे जहां बेनीवाल जनसंपर्क कर नहीं पाए और आज प्रचार का अंतिम दिन होने के चलते खुद बेनीवाल इस जनसभा में शामिल नहीं हो सके और उन्हें परबतसर में जनसंपर्क करना पड़ा।